क्या आपने कभी ऐसा मंदिर देखा है, जिसकी हर दीवार और बारीक नक्काशी पर असली सोने की चमक झलकती हो? तमिलनाडु के वेल्लोर की शांत पहाड़ियों के बीच बसा श्रीपुरम गोल्डन टेंपल कुछ ऐसा ही विलक्षण दृश्य पेश करता है। करीब 1,500 किलो शुद्ध सोने से तैयार यह मंदिर भारत के सबसे अनूठे और भव्य धार्मिक स्थलों में शुमार है।
सिर्फ चमक तक सीमित नहीं इसकी कहानी
इस मंदिर की पहचान केवल इसकी सुनहरी आभा तक सीमित नहीं है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के मन में इसे लेकर कई सवाल उठते हैं। आखिर इस भव्य निर्माण को किसने करवाया? इतनी बड़ी मात्रा में सोना कहां से जुटाया गया? और करोड़ों रुपये मूल्य के इस मंदिर की रक्षा किस तरह की जाती है? ये जिज्ञासाएं हर आने वाले व्यक्ति के मन में स्वाभाविक रूप से जन्म लेती हैं।
सात साल में तैयार हुआ भव्य निर्माण
खास बात यह है कि इतना विशाल और सोने से सजा यह मंदिर महज सात साल में बनकर तैयार हो गया। आज यह दक्षिण भारत के सबसे प्रसिद्ध आध्यात्मिक केंद्रों में गिना जाता है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं और इसकी अनूठी वास्तुकला तथा शांत आध्यात्मिक वातावरण से गहराई से प्रभावित होते हैं।
आस्था और भव्यता का संगम
श्री लक्ष्मी नारायणी गोल्डन टेंपल के नाम से विख्यात यह स्थल अपने इतिहास, निर्माण से जुड़े रोचक तथ्यों, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और गहरे आध्यात्मिक महत्व के कारण दुनिया के सबसे चर्चित मंदिरों में अपनी अलग जगह बना चुका है। यही विशेषताएं इसे आम मंदिरों से अलग और बेहद खास बनाती हैं।
https://hindi.news18.com/videos/nation/sripuram-golden-temple-vellore-tamil-nadu-1500-kg-gold-temple-story-10572464.html