नागौद राजघराने का इतिहास क्या है? राजा की एक पत्नी ने दूसरी को मारी गोली, फैल गई सनसनी

मध्य प्रदेश के सतना जिले के नागौद राजघराने में पारिवारिक कलह के चलते गोली चलने का मामला सामने आया है, जिसके बाद सदियों पुराने इस राजवंश का इतिहास चर्चा में आ गया है।

मध्य प्रदेश के सतना जिले से एक चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है। यह मामला किसी आम परिवार का नहीं, बल्कि एक हाई-प्रोफाइल राजघराने से जुड़ा हुआ है। जैसे ही यह खबर फैली कि राजघराने की बहू पर गोली चलाई गई है, चारों ओर हलचल मच गई। इस गोलीकांड के पीछे की वजह परिवार में लंबे समय से चल रही आपसी रंजिश बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, यह विवाद नागौद रॉयल फैमिली से जुड़े पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक नागेंद्र सिंह के भतीजे 'रूपेंद्र सिंह बाबा राजा' की दो पत्नियों के बीच पनपा। पहली पत्नी किसी मसले को सुलझाने के इरादे से वहां पहुंची थीं, तभी दूसरी पत्नी ने उन पर गोली दाग दी। इस घटना के बाद से यह राजघराना सुर्खियों में है और लोग मध्य प्रदेश के इस रियासतकालीन परिवार के बारे में जानना चाहते हैं।

नागौद राजघराने का इतिहास

मध्य प्रदेश के सतना जिले में बसे नागौद राजघराने का इतिहास कई सदियों पुराना है। यह वंश 14वीं सदी से राजपूतों के परिहार वंश से जुड़ा हुआ है। अपनी ऐतिहासिक धरोहर, परसमनिया गढ़ी और इन दिनों पारिवारिक विवादों के चलते यह रियासत चर्चा में बनी हुई है। परिहार वंश ने 1344 ईस्वी में इस रियासत की नींव रखी थी और राजा वीरराज जूदेव इसके संस्थापक माने जाते हैं। शुरुआत में इस रियासत को उचेहरा के नाम से पहचाना जाता था। बाद में 1720 में इसका नाम बदलकर नागौद रख दिया गया, जो दरअसल राजवंश की राजधानी थी। ऐसा माना जाता है कि राजपूत परिहार वंश कन्नौज के मशहूर गुर्जर-प्रतिहारों के वंशज हैं। आजादी के बाद इस रियासत के अंतिम शासक श्रीमंत महेंद्र सिंह जू देव बहादुर थे, जिन्होंने 1 जनवरी 1950 को भारतीय संघ में विलय के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए।

नागौद राजघराने में गोलीकांड

इस शाही परिवार के मौजूदा मुखिया राजा श्रीमंत शिवेंद्र सिंह जू देव बहादुर हैं, जो अगस्त 2005 से इस विरासत को आगे बढ़ाने की कमान संभाल रहे हैं। हाल ही में नागौद राजघराने की परसमनिया गढ़ी यानी पारिवारिक संपत्ति एक गंभीर पारिवारिक विवाद की वजह से सुर्खियों में आई। पूर्व मंत्री और विधायक नागेंद्र सिंह के भतीजे रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा की पहली पत्नी योगिता सिंह, जो उदयपुर के शाही घराने से ताल्लुक रखती हैं, अपने पारिवारिक विवाद को सुलझाने वहां पहुंची थीं। इसी दौरान विवाद बढ़ने पर रूपेंद्र सिंह के साथ रह रही दूसरी महिला सुनीता सिंह ने कथित तौर पर योगिता सिंह पर गोली चला दी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। योगिता सिंह, बाबा राजा की दूसरी पत्नी हैं।

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