उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के संभावित गठबंधन का स्वरूप अब तक साफ नहीं हो पाया है। दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे का फॉर्मूला किस तरह तय होगा, इसे लेकर सियासी हलकों में अटकलों का दौर तेज है। पुराने मतभेद और बीते समय में दिए गए बयान इस राह को और जटिल बनाते दिख रहे हैं।
पुराने विवादों का साया
गठबंधन की बातचीत पर मध्य प्रदेश और हरियाणा के पुराने विवादों की छाया साफ नजर आ रही है। इन राज्यों में दोनों दलों के बीच रहे टकराव की यादें अब भी ताजा हैं। इसके अलावा यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय का 'चिरकुट' वाला पुराना बयान भी एक बड़ा घाव बना हुआ है, जिसकी टीस गठबंधन की बातचीत पर असर डाल सकती है।
अखिलेश और राहुल के सामने चुनौती
अखिलेश यादव और राहुल गांधी के समक्ष इस समय सबसे बड़ी परीक्षा यही है कि वे सीटों के बंटवारे और बीते दौर के हिसाब-किताब को किस तरह सुलझाते हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि अखिलेश यादव 'चिरकुट' वाले बयान को भुलाकर आगे बढ़ते हैं या फिर इसे राहुल गांधी को याद दिलाकर मोलभाव की स्थिति में आते हैं।
इमरान मसूद के बयान से नया विवाद
इसी बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि '80-17 फॉर्मूला' साल 2027 के विधानसभा चुनाव में कारगर नहीं होगा। उनके इस बयान ने गठबंधन को लेकर चल रही चर्चाओं को और गरमा दिया है तथा सीट बंटवारे के समीकरणों पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
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