राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की प्रत्याशी एवं पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म निरस्त किए जाने के बाद कांग्रेस पार्टी ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इसी सिलसिले में कटनी में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अमित शुक्ला के नेतृत्व में युवा कांग्रेस नेताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के उग्र रूप लेने पर मौके पर तैनात भारी पुलिस बल को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
कचहरी चौक पर भड़का आक्रोश
नामांकन निरस्त होने के फैसले का असर कटनी की सड़कों पर साफ नजर आया। चुनाव आयोग के इस कदम को लोकतंत्र की हत्या करार देते हुए युवा कांग्रेस कटनी ने शहर के मध्य स्थित कचहरी चौक पर उग्र प्रदर्शन किया। नाराज प्रदर्शनकारियों ने आगे बढ़ने के लिए पुलिस के बैरिकेड्स को धक्का देने की कोशिश की।
पुलिस ने खोली वाटर कैनन
बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश के बीच पहले से मुस्तैद भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए वाटर कैनन चालू कर दी। पानी की तेज और ठंडी बौछारों की चपेट में आकर कई कार्यकर्ता सड़क पर गिर पड़े, लेकिन इसके बावजूद वे पीछे हटने को तैयार नहीं हुए।
सड़क पर ही धरने पर बैठे कार्यकर्ता
पुलिस की सख्ती के बीच कार्यकर्ता कचहरी चौक की सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कांग्रेस के आरोप
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे स्थानीय युवा कांग्रेस नेताओं और जिलाध्यक्ष अमित शुक्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा के दबाव में रिटर्निंग ऑफिसर ने द्वेषपूर्ण भावना के तहत मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द किया है। उनका कहना था कि एक पुराने मामले को आधार बनाकर जानबूझकर तकनीकी कारणों से नामांकन निरस्त किया गया, ताकि विपक्ष को राज्यसभा की दौड़ से बाहर किया जा सके।
यह सीधे तौर पर लोकतंत्र का गला घोंटना है। हमारी आवाज को वाटर कैनन या लाठियों से दबाया नहीं जा सकता।
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