बाड़मेर में 8वीं-10वीं पास युवकों की खतरनाक साजिश, इंटरनेट से सीखी एमडी ड्रग्स बनाने की तरकीब

बाड़मेर पुलिस ने इंटरनेट और यूट्यूब से एमडी ड्रग्स बनाना सीखकर पश्चिमी राजस्थान में सिंथेटिक ड्रग्स का नेटवर्क और फैक्टरी खड़ी करने की साजिश रचने वाले 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सिर्फ 8वीं और 10वीं तक पढ़े हैं और अधिक कमाई के लालच में इस अवैध धंधे में उतरे थे।

बाड़मेर में पुलिस ने एक ऐसे मामले का खुलासा किया है, जो दिखाता है कि अब अपराध की दुनिया भी इंटरनेट और सोशल मीडिया के सहारे नए रास्ते तलाश रही है। पश्चिमी राजस्थान में सिंथेटिक ड्रग्स का नेटवर्क खड़ा करने की कथित साजिश का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने इस प्रकरण में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ और जांच में कई हैरान करने वाली बातें सामने आई हैं।

प्रारंभिक जांच के मुताबिक आरोपियों ने इंटरनेट और यूट्यूब की मदद से एमडी ड्रग्स बनाने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी जुटाई थी। इसी जानकारी के आधार पर उन्होंने एक अवैध नेटवर्क तैयार करने की योजना बनाई। पुलिस का कहना है कि यह मामला केवल ड्रग्स से जुड़ी जानकारी हासिल करने तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके पीछे एक बड़े नेटवर्क की तैयारी चल रही थी। आईजी के अनुसार 4-5 दोस्तों ने मिलकर पूरा गिरोह संचालित किया।

इंटरनेट से सीखा और फिर बनाई योजना

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हुए सिंथेटिक ड्रग्स से जुड़ी जानकारियां हासिल कीं। इसके बाद पश्चिमी राजस्थान में अवैध नेटवर्क खड़ा करने की तैयारी शुरू कर दी गई। पुलिस को शक है कि आरोपी लंबे समय से इस योजना पर काम कर रहे थे और धीरे-धीरे अपने संपर्क भी बढ़ा रहे थे।

जांच के दौरान यह भी पता चला कि इस नेटवर्क से जुड़े युवक राजस्थान और मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं। दोनों राज्यों के कुछ युवकों ने मिलकर इस कथित साजिश को आगे बढ़ाने का प्रयास किया।

बेंगलुरु में हुई थी आपस में पहचान

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ आरोपी पहले बेंगलुरु में एक साथ काम कर चुके थे और वहीं उनकी आपस में पहचान हुई थी। काम के दौरान बने ये संपर्क बाद में एक अलग दिशा में मुड़ गए और अधिक कमाई के लालच में उन्होंने कथित तौर पर अवैध कारोबार की योजना बनानी शुरू कर दी।

आईजी ने बताया कि यह गिरोह 'कहीं का ईंट कहीं का रोड़ा, भानुमती का कुनबा जोड़ा' जैसा है, जिसमें शामिल लोग अलग-अलग जगहों से जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि ये लड़के 8वीं और 10वीं तक पढ़े हैं। शुरुआत में ये काम करने बाहर गए, लेकिन बाद में पैसे के लालच में ड्रग्स के धंधे में लग गए। आईजी के अनुसार ये इतने लती हो गए कि अपनी पत्नी के गहने तक बेच दिए। सभी आरोपी घाटे में चल रहे थे, इसी कारण इस धंधे में आ गए।

बताया जा रहा है कि इसी पहचान के आधार पर यह समूह तैयार हुआ और बाद में पश्चिमी राजस्थान को अपने नेटवर्क का केंद्र बनाने की तैयारी की जाने लगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस योजना में और कौन-कौन लोग शामिल थे।

फैक्टरी लगाने की चल रही थी तैयारी

जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी पश्चिमी राजस्थान में फैक्टरी स्थापित करने की तैयारी में थे। पुलिस का मानना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती तो यह नेटवर्क और बड़ा रूप ले सकता था। फिलहाल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों के संपर्क किन लोगों से थे और क्या इस मामले में अन्य राज्यों के लोग भी जुड़े हैं।

बढ़ाया गया जांच का दायरा

मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस कथित योजना में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं।

पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और आगे भी इस प्रकरण में नए खुलासे सामने आ सकते हैं। फिलहाल बाड़मेर में हुई इस कार्रवाई ने पश्चिमी राजस्थान में ड्रग्स नेटवर्क खड़ा करने की कथित साजिश को बड़ा झटका दिया है।

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