छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में एक बार फिर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने इस केस में अपनी छापेमारी और तेज कर दी है तथा कई स्थानों पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
भिलाई में रिटायर्ड आईएएस के घर सुबह-सुबह दबिश
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जेके ध्रुव के भिलाई स्थित सेक्टर-10 आवास पर आज सुबह कार्रवाई की गई। सुबह करीब 2 बजे ईडी की टीम दो गाड़ियों में उनके घर पहुंची और दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू कर दी। घर में मौजूद कागजात के साथ-साथ डिजिटल रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है।
इसके अलावा तत्कालीन CGPSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी से जुड़े दूसरे ठिकानों पर भी छापेमारी की जा रही है। ईडी सूत्रों के अनुसार, पूरे मामले में करीब एक दर्जन लोकेशन पर एक साथ सर्च ऑपरेशन चल रहा है। सीबीआई के बाद अब ईडी की एंट्री से इस केस की जांच और तेज हो गई है।
2020 से 2022 के बीच मिलीं गड़बड़ियां
जांच एजेंसियों का आरोप है कि 2020 से 2022 के बीच आयोजित राज्य सेवा परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई थीं। आरोप है कि तत्कालीन अध्यक्ष ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने करीबियों और रिश्तेदारों को अनुचित लाभ पहुंचाया।
ईडी सूत्रों के मुताबिक, यह भी सामने आया है कि एक निजी कंपनी से सीएसआर फंड के तहत 45 लाख रुपये एक एनजीओ को दिए गए थे। बताया जा रहा है कि इस एनजीओ की अध्यक्ष कथित रूप से टामन सिंह सोनवानी की पत्नी थीं। आरोप है कि इसके बदले में परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी और प्रश्नपत्र लीक किए गए।
सीबीआई और ईडी दोनों कर रही हैं जांच
इस पूरे प्रकरण में सीबीआई पहले से ही जांच कर रही थी और अब ईडी की कार्रवाई के बाद मामला और गंभीर होता दिख रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि भर्ती प्रक्रिया में कितने लोगों को अवैध तरीके से फायदा पहुंचाया गया और इसमें और कौन-कौन शामिल था।
फिलहाल ईडी की टीम सभी दस्तावेजों की जांच में लगी है और आगे की कार्रवाई जारी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
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