यूनान की रेसिंग ट्रैक पर जब भारतीय राष्ट्रगान की धुन गूंजी, तो उसका श्रेय सिर्फ 11 साल की एक भारतीय बेटी को गया। कार्ट रेसर अतीका मीर ने 'चैंपियंस ऑफ द फ्यूचर' अकादमी प्रोग्राम के दूसरे राउंड में क्वालिफाइंग, हीट रेस और फाइनल्स—तीनों ही चरणों में जीत दर्ज कर अपने करियर की अब तक की सबसे बड़ी सफलता अपने नाम कर ली।
पहले ही सीजन में दिखाया दमखम
फार्मूला वन अकादमी से समर्थन पाने वाली अतीका ने ओके-एनजे (12-14 साल) कैटेगरी में बेहद कड़ी टक्कर पेश की। खास बात यह रही कि अपने पहले ही सीजन में उन्होंने कई अनुभवी पुरुष ड्राइवरों को चुनौती दी और शानदार प्रदर्शन कर सबका ध्यान खींचा।
पूरे वीकेंड रहा दबदबा
इस पूरे रेसिंग वीकेंड में अतीका का प्रदर्शन बाकी सभी प्रतिस्पर्धियों से बेहतर साबित हुआ। क्वालिफाइंग से लेकर हीट रेस और दोनों फाइनल्स तक उन्होंने अपनी बादशाहत बनाए रखी। इस उपलब्धि के साथ वह इस सीरीज में क्वालिफाइंग, हीट्स और फाइनल्स—तीनों में जीतने वाली महज तीसरी ड्राइवर बन गईं।
रिकॉर्ड समय के साथ टॉप पर
अतीका ने क्वालिफाइंग में 56.77 सेकंड का रिकॉर्ड समय निकालकर पहले स्थान पर कब्जा जमाया। इसके बाद हीट रेस-एक और हीट रेस-दो में भी अव्वल रहकर उन्होंने फाइनल के लिए ग्रिड पर पहला स्थान पक्का कर लिया।
पोडियम पर भावुक हुईं अतीका
ट्रैक पर पूरे वीकेंड संयम और आत्मविश्वास के साथ बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली अतीका जब पोडियम के सबसे ऊपरी पायदान पर खड़ी हुईं और भारतीय राष्ट्रगान बजा, तो वह भावुक हो उठीं।
फार्मूला वन में पहुंचने का सपना
अतीका मीर का सपना है कि वह 1990 के दशक के बाद फार्मूला वन तक पहुंचने वाली पहली महिला ड्राइवर बनें। अपनी इस उपलब्धि के साथ उन्होंने इस सपने की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ा दिया है।
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