जामिया मिल्लिया इस्लामिया का नया शैक्षणिक कैलेंडर
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के हजारों विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरी सूचना सामने आई है। लंबे समय से चल रहे ऑनलाइन और ऑफलाइन कक्षाओं के संशय को दूर करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक बड़ा बदलाव किया है। रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा जारी किए गए ताजा नोटिस के अनुसार, अब विश्वविद्यालय में ऑनलाइन पढ़ाई का दौर जल्द ही समाप्त होने वाला है। प्रशासन ने पिछले दिनों जारी किए गए तमाम आदेशों को पूरी तरह से रद्द कर दिया है और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए एक संशोधित कैलेंडर तैयार किया गया है।
ऑफलाइन मोड में कब से शुरू होगी पढ़ाई
विश्वविद्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि आगामी 9 नवंबर 2026 तक ही पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से जारी रहेगी। इसके अगले दिन यानी 10 नवंबर 2026 से छात्र एक बार फिर अपने कैंपस में जाकर भौतिक रूप से यानी ऑफलाइन कक्षाओं में भाग ले सकेंगे। रजिस्ट्रार प्रोफेसर मो. महताब आलम रिजवी के द्वारा जारी इस आदेश का मुख्य उद्देश्य छात्रों को क्लासरूम के माहौल में वापस लाना है। इस निर्णय से उन सभी विद्यार्थियों को सबसे अधिक लाभ होगा जिन्हें ऑनलाइन माध्यम में कठिन विषयों को समझने में व्यावहारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। अब छात्र सीधे अपने प्राध्यापकों के मार्गदर्शन में शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।
परीक्षाओं को लेकर बड़ा बदलाव
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने न केवल कक्षाओं के संचालन को लेकर बल्कि परीक्षाओं के स्वरूप को लेकर भी अपना रुख बदल लिया है। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि द्वितीय मिड-टर्म परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित नहीं की जाएंगी। इन परीक्षाओं को पेन-पेपर मोड में यानी पूरी तरह से ऑफलाइन तरीके से संपन्न कराया जाएगा। तय कार्यक्रम के अनुसार, ये मिड-टर्म परीक्षाएं 16 नवंबर 2026 से शुरू होकर 21 नवंबर 2026 तक चलेंगी। सभी छात्रों को अपने-अपने संबंधित विभागों में पहुंचकर इन परीक्षाओं में शामिल होना अनिवार्य होगा।
पुराने नोटिस पर लगा पूर्ण विराम
यह निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण यू-टर्न के रूप में देखा जा रहा है। रजिस्ट्रार प्रोफेसर मो. महताब आलम रिजवी ने 30 अक्टूबर को नया संशोधित नोटिफिकेशन जारी किया। इस नए आदेश के जारी होते ही 24, 26 और 28 अक्टूबर 2026 को जारी किए गए सभी पिछले सर्कुलर अब निष्प्रभावी हो गए हैं। पिछले कुछ दिनों से छात्रों के बीच जो असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, उसे विश्वविद्यालय के इस कदम से समाप्त कर दिया गया है। छात्र अब बिना किसी भ्रम के अपनी पढ़ाई और परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
एकेडमिक कैलेंडर और अटेंडेंस के सख्त नियम
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि आगामी शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन वर्ष 2026-27 के निर्धारित एकेडमिक कैलेंडर के अनुसार ही हो। इसमें प्रैक्टिकल वर्क, सेमिनार और विभिन्न प्रोजेक्ट्स को शामिल किया गया है। प्रशासन ने सभी संकायों के डीन, विभागाध्यक्षों और सेंटर डायरेक्टर्स को यह कड़ा निर्देश दिया है कि छात्रों की दैनिक अटेंडेंस और एग्जामिनेशन रिकॉर्ड को अत्यधिक पारदर्शिता के साथ मेंटेन किया जाए। कैंपस खुलने के बाद अटेंडेंस के नियमों में किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी, जिससे छात्रों की अकादमिक सक्रियता बनी रहे।
पुराने और नए आदेशों में मुख्य अंतर
यदि 28 अक्टूबर 2026 को जारी किए गए पुराने आदेश और वर्तमान नोटिस की तुलना की जाए, तो इसमें बड़ा अंतर स्पष्ट होता है। पूर्व के सर्कुलर में ऑनलाइन पढ़ाई को 24 नवंबर तक खींचने और दिसंबर महीने में एंड-सेमेस्टर परीक्षाएं भी ऑनलाइन मोड में कराने का प्रस्ताव रखा गया था। हालांकि, कैंपस का माहौल बेहतर बनाने, शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने और छात्रों की मांगों को देखते हुए प्रशासन ने अपना निर्णय बदल दिया है। अब पढ़ाई और परीक्षाएं दोनों ही जमीनी स्तर पर विश्वविद्यालय परिसर के भीतर आयोजित की जाएंगी, जिससे शिक्षा का स्तर और अधिक प्रभावी हो सके।
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