ईरान से तनाव के बीच पेंटागन में बड़ा बदलाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर दोबारा हमले की चेतावनी देने के बाद से वाशिंगटन में सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस संवेदनशील दौर में अमेरिका ने अपने एक शीर्ष सैन्य अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया को उनके महत्वपूर्ण पद से हटा दिया है। सिल्विया जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ में रणनीति, योजना और नीति के निदेशक के रूप में तैनात थे। द अटलांटिक की रिपोर्ट के मुताबिक इस कार्रवाई के पीछे की ठोस वजहों का खुलासा अभी तक नहीं किया गया है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के नेतृत्व में जिस तरह से वरिष्ठ सैन्य अफसरों को हटाया जा रहा है, उसने अमेरिकी रक्षा प्रतिष्ठान के भीतर नेतृत्व को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।
J5 विभाग की अहमियत और सिल्विया की विदाई
लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया अमेरिकी सेना के एक अनुभवी चेहरा रहे हैं और वे इससे पहले 101वीं एयरबोर्न डिवीजन की कमान भी संभाल चुके हैं। उनके पास जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के J5 विभाग के निदेशक का महत्वपूर्ण प्रभार था। सैन्य जगत में J5 विभाग को रक्षा नीति, सैन्य अभियानों और व्हाइट हाउस के बीच समन्वय का केंद्र माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के साथ जारी कूटनीतिक और सैन्य खींचतान के बीच इस विभाग के मुखिया को अचानक हटाना रणनीतिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। एक पूर्व सैन्य अधिकारी ने इसे एक गलत समय पर लिया गया निर्णय बताया है। यह गौर करने वाली बात है कि पिछले एक साल के अंतराल में इस पद से हटाए जाने वाले वे दूसरे वरिष्ठ अफसर हैं, उनसे पहले लेफ्टिनेंट जनरल जोसेफ मैक्गी को भी पद से हटना पड़ा था। अभी तक सिल्विया के उत्तराधिकारी के नाम की कोई घोषणा नहीं हुई है।
ईरान पर हमले की क्या है योजना
अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी से जारी संघर्ष पिछले कुछ महीनों में धीमा जरूर पड़ा है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। होर्मुज स्ट्रेट में दोनों देशों की सेनाएं लगातार आमने-सामने की स्थिति में बनी हुई हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ संभावित हमले की कई कार्ययोजनाएं तैयार कर ली हैं। इसमें परमाणु ठिकानों को निशाना बनाने से लेकर लंबे सैन्य अभियान तक के विकल्प शामिल हैं। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लंबी लड़ाई शुरू होती है, तो इसका मुख्य उद्देश्य ईरान की आर्थिक स्थिति को पंगु बनाकर उसे बातचीत की मेज पर लाने का होगा। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने अभी तक सैन्य हमले का अंतिम निर्णय नहीं लिया है। अटकलें हैं कि अगले सप्ताह से पहले कोई बड़ा सैन्य कदम उठाए जाने की संभावना बेहद कम है।
पीट हेगसेथ के दौर में जारी है अधिकारियों की विदाई
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के कार्यकाल को लेकर काफी चर्चा है, क्योंकि उनके आने के बाद से अमेरिकी सेना के कई दिग्गज अफसरों को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी है। इस साल की शुरुआत में ही सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज को उनके पद से हटाया गया था। इस सूची में जनरल डेविड होडने और मेजर जनरल विलियम ग्रीन जूनियर जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। जून के महीने में जनरल क्रिस ‘सी.डी.’ डोनाह्यू ने भी यूरोप और अफ्रीका इकाई के प्रमुख का पद छोड़ा था। बताया जाता है कि हेगसेथ और डोनाह्यू के बीच मतभेद इसके पीछे का बड़ा कारण थे। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हेगसेथ के कार्यभार संभालने के बाद से अब तक कम से कम 26 एडमिरल और जनरल पद से हटाए जा चुके हैं या उन्होंने इस्तीफा दिया है।
अफसरों पर गिर रही गाज की असली वजह क्या है
पेंटागन की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया को हटाए जाने के मामले में आधिकारिक चुप्पी साधे रखी गई है। रक्षा विभाग के करीबी सूत्रों का कहना है कि रक्षा मंत्री हेगसेथ का इन वरिष्ठ अफसरों पर भरोसा कम होता जा रहा था। कुछ मामलों में नीतिगत मतभेदों को भी बड़ी वजह माना जा रहा है, जैसे कि एल्ब्रिज कोल्बी के साथ सिल्विया के असहज संबंध। इसके अतिरिक्त, कुछ अधिकारियों को विविधता (डाइवर्सिटी) से जुड़ी नीतियों पर विवाद, पूर्व सैन्य प्रमुखों के साथ करीबी रिश्तों या फिर मीडिया में संवेदनशील जानकारी लीक करने के संदेह के चलते कार्यमुक्त किया गया है। लगातार हो रहे इन परिवर्तनों से अमेरिकी सेना के अंदरूनी वातावरण और अनुशासन पर क्या असर पड़ेगा, यह फिलहाल भविष्य के गर्भ में है।
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