क्या आपके आसपास भी है ऐसा कोई व्यक्ति
अक्सर हमारे जीवन में कुछ ऐसे लोग होते हैं जो हर परिस्थिति या हर काम को अपने नियंत्रण में रखना चाहते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे का कारण उनका स्वभाव है या फिर कुछ और? अंक ज्योतिष के अनुसार, यह विशेषता मुख्य रूप से उन लोगों में देखी जाती है जिनका मूलांक 1 या मूलांक 8 होता है। इन दोनों मूलांकों के व्यक्ति स्वभाव से काफी प्रभावी और प्रभुत्व जमाने वाले माने जाते हैं। कार्यस्थल हो या निजी जीवन, इनकी कोशिश रहती है कि हर गतिविधि इनके निर्देशों के अनुरूप ही संचालित हो। जब चीजें उनकी योजना के अनुसार नहीं चलती हैं, तो उन्हें झुंझलाहट या गुस्सा महसूस होता है। आइए विस्तार से समझते हैं कि इन मूलांकों के लोगों का व्यक्तित्व कैसा होता है।
मूलांक 1 के जातक (किसी भी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख को जन्मे लोग)
अंकशास्त्र में मूलांक 1 का स्वामी ग्रह स्वयं सूर्य देव को माना गया है। सूर्य ग्रहों के राजा हैं और यही राजसी स्वभाव इन मूलांक वालों के भीतर भी स्पष्ट दिखाई देता है। इनमें जन्मजात नेतृत्व क्षमता होती है और ये स्वभाव से निडर, आत्मविश्वासी तथा स्वावलंबी होते हैं। इन्हें किसी के अधीन काम करना बिल्कुल पसंद नहीं होता और वे हमेशा अपनी बात ऊपर रखने का प्रयास करते हैं। उनकी इसी कंट्रोलिंग फितरत के कारण उनके निजी संबंधों और प्रेम जीवन में अक्सर उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं। यदि कोई व्यक्ति उनकी राय से असहमत होता है, तो वे तुरंत आक्रामक हो जाते हैं क्योंकि वे खुद को सर्वश्रेष्ठ बनाए रखना चाहते हैं।
मूलांक 8 के जातक (किसी भी महीने की 8, 17 या 26 तारीख को जन्मे लोग)
मूलांक 8 का स्वामित्व शनि देव के पास है। शनि को न्याय, अनुशासन और कठोर परिश्रम का कारक माना जाता है। इस प्रभाव के चलते, इस मूलांक के लोग जीवन में अनुशासन को सबसे अधिक महत्व देते हैं। ये जातक बेहद मेहनती और न्यायप्रिय होते हैं, लेकिन इनके कड़े उसूल अक्सर दूसरों के लिए बोझ बन जाते हैं। ये अपने जीवन के हर पहलू को व्यवस्थित रखने के आदी होते हैं और जब इनके आस-पास के लोग या परिवार के सदस्य लापरवाही करते हैं, तो ये उन पर नियंत्रण करने की कोशिश करते हैं। उनका यही अनुशासित स्वभाव उन्हें अनजाने में कंट्रोलिंग बना देता है।
इन मूलांक वालों का व्यवहार नियंत्रित क्यों होता है
- ये किसी भी कार्य की बागडोर अपने हाथ में रखने के शौकीन होते हैं, चाहे योजना छोटी हो या बड़ी।
- चूंकि ये स्वयं बहुत अधिक अनुशासित जीवन शैली का पालन करते हैं, इसलिए ये उम्मीद करते हैं कि दूसरे लोग भी उतने ही जिम्मेदार और नियमबद्ध रहें।
- अपनी इसी अपेक्षा के कारण, जब चीजें उनके अनुकूल नहीं होतीं, तो वे दूसरों को मजबूर करने या अपनी बात मनवाने के लिए दबाव का प्रयोग करने लगते हैं।
- इनका स्वभाव हर काम को अपने नजरिए और अपनी शर्तों पर पूरा करने का होता है, जिससे ये एक कंट्रोलिंग व्यक्तित्व के रूप में उभरते हैं।
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