नालंदा में सिपाही हत्याकांड से उठा पर्दा
बिहार के नालंदा जिले के पावापुरी इलाके में उत्पाद विभाग के सिपाही अजीत कुमार की मौत के मामले ने हर किसी को हैरान कर दिया है। शुरू में इस घटना को शराब तस्करों द्वारा की गई फायरिंग से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन पुलिस की गहन जांच के बाद जो सच सामने आया, वह बेहद चौंकाने वाला है। नालंदा के पुलिस अधीक्षक हृदयकांत ने मीडिया को जानकारी दी कि सिपाही की हत्या किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि छापेमारी दल का हिस्सा रहे एक होमगार्ड जवान की बंदूक से चली गोली से हुई थी। इस मामले में पुलिस ने साक्ष्य मिटाने और गुमराह करने के आरोप में उत्पाद विभाग की सब-इंस्पेक्टर पुष्पा, सिपाही अनूप, दो होमगार्ड जवानों और एक निजी वाहन के चालक समेत कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया है।
घटना की असली वजह और पूरी साजिश
जांच में पता चला कि यह घटना 14 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे हुई थी। पटना ईआईबी की टीम एक निजी काली स्कॉर्पियो गाड़ी से शराब से लदी एक पिकअप वैन का पीछा कर रही थी। इसी बीच, घेराबंदी करने के लिए राजगीर में तैनात सब-इंस्पेक्टर पुष्पा की टीम को भी मौके पर बुलाया गया था। गाड़ी का रास्ता बदलने के कारण पिकअप वैन आगे निकल गई और ईआईबी की स्कॉर्पियो बीच में रह गई, जबकि सब-इंस्पेक्टर पुष्पा की टीम सबसे पीछे हो गई। सब-इंस्पेक्टर पुष्पा के निर्देश पर उनकी टीम में शामिल होमगार्ड जवान ने कुल 3 राउंड फायरिंग की। इसमें दो गोलियां मिसफायर हो गईं, लेकिन तीसरी गोली सीधे आगे चल रही स्कॉर्पियो के पिछले हिस्से का शीशा तोड़ते हुए सिपाही अजीत कुमार के सिर में जा लगी।
सब-इंस्पेक्टर ने रची झूठी कहानी
वारदात के बाद उत्पाद विभाग की टीम ने पुलिस को अंधेरे में रखने की कोशिश की। उन्होंने घटना की सूचना स्थानीय पुलिस थाने को देने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया और सबूत मिटाने के लिए क्षतिग्रस्त वाहन को चुपचाप पटना ले गए। अगले दिन जब घटना की सूचना एसपी को मिली, तो उन्होंने तुरंत राजगीर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों के बयानों में भारी विरोधाभास पाया गया। इसके बाद पटना से बरामद की गई गाड़ी की फॉरेंसिक जांच में पीछे से गोली लगने के पक्के निशान मिले, जिससे पूरी साजिश का भंडाफोड़ हो गया।
जांच का अगला पड़ाव
पुलिस ने संबंधित राइफल और 2 मिसफायर कारतूस बरामद कर लिए हैं, जबकि 3 खोखों की तलाश अभी जारी है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि एसआईटी मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के उल्लंघन और फरार शराब माफियाओं की तलाश जैसे विभिन्न पहलुओं पर गंभीरता से काम कर रही है। हालांकि, सब-इंस्पेक्टर और मृतक सिपाही के बीच पुराने संबंधों की चर्चाओं पर एसपी ने स्पष्ट किया कि अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच जारी है और जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।
https://www.indiatv.in/bihar/excise-department-constable-murder-mystery-solved-sub-inspector-and-accomplices-involved-try-to-mislead-the-police-2026-10-16-1249218