नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रेडमार्क disparagement मामले में गिलेट इंडिया के पक्ष में अंतरिम आदेश पारित किया है। कोर्ट ने बॉम्बे शेविंग कंपनी (Visage Lines Personal Care Pvt. Ltd.) को अपने विवादित ‘Switch4’ विज्ञापन अभियान को हटाने का निर्देश दिया है।
मामला विज्ञापन में प्रतिस्पर्धी ब्रांड को बदनाम करने और भ्रामक कोर्ट-रूम सेटअप दिखाने से जुड़ा था। अदालत ने प्रथम दृष्टया माना कि विज्ञापन में गिलेट की पहचान की ओर संकेत किया गया है, जो ट्रेडमार्क कानून और विज्ञापन की मर्यादा का उल्लंघन है।
गिलेट की कानूनी टीम
इस मामले में गिलेट इंडिया की ओर से सीनियर एडवोकेट चंदर लाल के नेतृत्व में लॉ फर्म Aerion Legal की टीम ने पैरवी की। टीम में पार्टनर अंकुर सांगल, पार्टनर प्रज्ञा मिश्रा, मैनेजिंग एसोसिएट सौम्या बाजपेयी और एसोसिएट यशोधरा रैना शामिल
टीम की अहम सदस्य - एडवोकेट सौम्या बाजपेयी
इस जीत में Aerion Legal की मैनेजिंग एसोसिएट सौम्या बाजपेयी की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। ट्रेडमार्क और ब्रांड disparagement जैसे जटिल मामलों में उनकी कानूनी समझ और रिसर्च ने टीम को मजबूत आधार प्रदान किया। Aerion Legal की आधिकारिक पोस्ट में भी उन्हें टीम के प्रमुख सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। युवा अधिवक्ताओं में सौम्या बाजपेयी तेजी से एक भरोसेमंद और प्रभावी कानूनी सलाहकार के रूप में अपनी पहचान बना रही हैं।
कोर्ट का आदेश सिर्फ विज्ञापन तक सीमित नहीं
अदालत ने अपने आदेश में गिलेट को यह छूट भी दी है कि कंपनी उन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, इन्फ्लुएंसर और थर्ड-पार्टी पेजों से संपर्क कर सकती है, जिन्होंने उक्त विवादित विज्ञापन को प्रसारित किया था। संशोधित विज्ञापन पर विवाद अभी भी जारी है।