वीजा आवेदन पर अमेरिका का बड़ा फैसला
अमेरिका ने फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास के लिए वीजा जारी करने से साफ इनकार कर दिया है। महमूद अब्बास न्यूयॉर्क में आयोजित होने वाली संयुक्त राष्ट्र महासभा की आगामी बैठक में भाग लेने के इच्छुक थे, जिसके लिए उन्होंने अमेरिका जाने का प्रयास किया था। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन के इस फैसले के बाद अब उनका न्यूयॉर्क जाना पूरी तरह से नामुमकिन हो गया है।
लगातार दूसरे वर्ष लगी रोक
यह बेहद महत्वपूर्ण है कि लगातार दूसरा ऐसा साल है जब महमूद अब्बास को संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रत्यक्ष तौर पर शामिल होने से रोका गया है। अमेरिका और फिलिस्तीनी अधिकारियों ने इस सप्ताह इस बात की औपचारिक पुष्टि की है कि राष्ट्रपति का वीजा आवेदन अस्वीकार कर दिया गया है। इससे पहले, पिछले महीने द जेरूसलम पोस्ट में प्रकाशित एक रिपोर्ट में संकेत दिए गए थे कि अमेरिका का प्रशासन उन्हें महासभा में शिरकत करने से रोकने की रणनीति बना रहा है।
ऑनलाइन संबोधन पर विचार
वीजा खारिज होने के बाद अब संयुक्त राष्ट्र के समक्ष एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। संगठन के अधिकारी इस बात पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं कि क्या महमूद अब्बास को वीडियो कॉन्फ्रेंस या अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए सभा को संबोधित करने की अनुमति दी जा सकती है या नहीं। चूंकि अब उनका व्यक्तिगत रूप से न्यूयॉर्क पहुंचना संभव नहीं है, इसलिए ऑनलाइन माध्यम ही एकमात्र विकल्प बचा है।
फिलिस्तीन मुद्दे पर गरमाई सियासत
महमूद अब्बास के प्रवेश पर यह प्रतिबंध ऐसे नाजुक समय में सामने आया है जब संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा चल रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिलिस्तीन के पक्ष को रखने के लिए यह बैठक काफी अहम मानी जा रही थी, लेकिन अमेरिका के इस कदम ने राजनयिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
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