रसोई में मौजूद संजीवनी है लहसुन
आज के दौर में हम स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए महंगी दवाओं और उपचारों पर निर्भर हो गए हैं, लेकिन हमारे घरों की रसोई में ही ऐसी कई चीजें मौजूद हैं जो प्राचीन काल से ही रामबाण औषधि का काम करती आई हैं। इनमें से सबसे महत्वपूर्ण नाम है लहसुन। दरभंगा के आयुर्वेदिक चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. वरुण कुमार झा बताते हैं कि पुराने समय में दादी-नानी जिन घरेलू सामग्रियों से हमारा उपचार करती थीं, आज आयुर्वेद के विशेषज्ञ उन्हीं के गुणों का वैज्ञानिक आधार पर अध्ययन कर रहे हैं। लहसुन केवल स्वाद बढ़ाने वाला मसाला नहीं है, बल्कि यह बीमारियों से लड़ने में सक्षम एक महा-औषधि है।
लहसुन को क्यों माना जाता है महा-औषधि?
आयुर्वेद की दृष्टि से लहसुन का विशेष महत्व है। डॉ. झा के अनुसार, आयुर्वेद में स्वाद के छह रस बताए गए हैं, जिनमें से लहसुन में पांच रस मौजूद होते हैं। इसमें केवल अम्ल रस की कमी होती है, बाकी सभी पोषक तत्व और रस इसमें भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे शरीर की कई जटिल समस्याओं को दूर करने वाली औषधि के रूप में देखा जाता है।
जोड़ों के दर्द और सूजन में रामबाण उपाय
यदि आप जोड़ों के दर्द, सूजन या गठिया जैसी समस्याओं से परेशान हैं, तो लहसुन आपके लिए बेहद असरदार हो सकता है। डॉ. वरुण कुमार झा का कहना है कि लहसुन को पीसकर दर्द वाली जगह पर लगाने या इसके तेल से मालिश करने से काफी राहत मिलती है। यह शरीर की जकड़न को कम करने और सूजन को नियंत्रित करने में प्राकृतिक रूप से मदद करता है।
पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में सहायक
पेट से जुड़ी समस्याओं जैसे गैस, कब्ज और अपच में लहसुन का नियमित सेवन पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह पेट में बनने वाली अनावश्यक गैस को खत्म कर पाचन क्रिया को सुचारू बनाता है। जो लोग अक्सर पेट की खराबी से जूझते हैं, उनके लिए यह एक सरल और प्रभावी समाधान हो सकता है।
शुगर और दिल की बीमारियों में सुरक्षा
लहसुन के स्वास्थ्य लाभ केवल पेट तक सीमित नहीं हैं। यह मधुमेह यानी डायबिटीज के मरीजों के लिए भी काफी उपयोगी है। यह रक्त में मौजूद शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक होता है। इसके अलावा, लहसुन का सेवन कोलेस्ट्रॉल को घटाने में मदद करता है। कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहने से हृदय से संबंधित बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
सेवन का सही तरीका और सावधानियां
डॉ. झा की सलाह है कि शरीर को लहसुन के अधिकतम फायदे देने के लिए रोज सुबह खाली पेट एक या दो कच्ची कलियों को गुनगुने पानी के साथ सेवन करना चाहिए। हालांकि, वे यह भी स्पष्ट करते हैं कि लहसुन की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसका जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसानदेह भी हो सकता है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या में लहसुन को अपनी नियमित जीवनशैली का हिस्सा बनाने से पहले अपने आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह जरूर लें, ताकि आपकी शारीरिक स्थिति के अनुसार सही खुराक का निर्धारण हो सके।
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