पाकिस्तान चौतरफा संकट में घिरा
पाकिस्तान इस समय न केवल आर्थिक बदहाली से जूझ रहा है, बल्कि उसे आंतरिक और बाहरी मोर्चों पर भी भारी दबाव का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK में चल रहे आजादी के आंदोलन को 100 दिन पूरे हो चुके हैं। इस आंदोलन को नई गति देने के लिए जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी JAAC ने 17 सितंबर से 20 सितंबर तक 4 दिनों के एक महामंथन का ऐलान किया है। इस दौरान स्थानीय व्यापारी, ट्रांसपोर्टर, छात्र और वकील एकजुट होकर भविष्य की रणनीति तय करेंगे। हालत यह है कि अब वहां खुलेआम 'PoK बनेगा हिंदुस्तान' के नारे लगाए जा रहे हैं, जो इस्लामाबाद के लिए खतरे की घंटी है।
बलूचिस्तान और PoK में विद्रोह की आग
PoK के अलावा बलूचिस्तान भी पाकिस्तान के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। बलूच लिबरेशन आर्मी यानी BLA लगातार पाकिस्तानी सेना के ठिकानों पर हमला कर रही है और उनकी चौकियों पर कब्जा जमा रही है। बलूचिस्तान के निवासियों ने क्षेत्र में पाकिस्तानी झंडे पर बैन लगा दिया है और जहां भी उन्हें यह झंडा दिख रहा है, वे उसे हटा रहे हैं या गाड़ियों पर बने झंडों को लाल रंग से रंगा जा रहा है। स्थानीय लोग पाकिस्तानी शासन से पूरी तरह आजादी चाहते हैं और उनका कहना है कि वे अब पाकिस्तानी सेना के गुलाम बनकर नहीं रहना चाहते, चाहे इसके लिए उन्हें कितनी भी बड़ी कीमत क्यों न चुकानी पड़े।
पाकिस्तान का आर्थिक लॉकडाउन और संकट
अफगानिस्तान सीमा पर तनाव और हूती हमलों के कारण सऊदी अरब के साथ बिगड़ते समीकरणों ने पाकिस्तान की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के चलते पाकिस्तान में तेल का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। इन हालातों को देखते हुए सरकार अब देश में 'स्मार्ट लॉकडाउन' लगाने पर विचार कर रही है ताकि बिजली और ईंधन की खपत को कम किया जा सके। सरकार ने निम्नलिखित कदमों पर चर्चा शुरू कर दी है:
- सरकारी और निजी दफ्तरों में कामकाज को घटाकर हफ्ते में 4 दिन करने का प्रस्ताव।
- सभी स्कूलों को बंद रखना और कॉलेजों तथा यूनिवर्सिटीज में ऑनलाइन पढ़ाई को बढ़ावा देना।
- कॉर्पोरेट और IT सेक्टर में हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य करना।
- बाजारों और शॉपिंग मॉल्स को रात 8 बजे के बाद बंद करने के निर्देश।
- रेस्टोरेंट और मैरिज हॉलों को रात 10 बजे के बाद बंद करना।
- सरकारी मंत्रियों के पेट्रोल भत्ते में 50 प्रतिशत की कटौती करना।
समुद्र में पाकिस्तान की ओछी हरकत
अपनी आंतरिक समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए पाकिस्तान उकसावे की कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हट रहा है। हाल ही में 15 सितंबर की शाम को ओमान से करीब 220 किलोमीटर पूर्व में भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत अपनी सामान्य निगरानी गश्त पर था। उसी दौरान पाकिस्तान का एक 'हुनैन-क्लास कॉरवेट' युद्धपोत बेहद तेज गति से भारतीय जहाज के करीब आ गया। खराब मौसम और समुद्र की ऊंची लहरों के बावजूद पाकिस्तानी कप्तान ने अपनी गति कम करने के बजाय आक्रामक रवैया अपनाया, जिससे दोनों जहाजों में टक्कर हुई। गनीमत रही कि भारतीय युद्धपोत को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। यह घटना दर्शाती है कि पाकिस्तानी नौसेना को अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों की कितनी कम जानकारी है। भारतीय नौसेना अब ऐसी किसी भी नापाक हिमाकत का कड़ा जवाब देने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।
भारत के खिलाफ पुरानी साजिशें
पाकिस्तान की हुकूमत और सेना अपने देश की भुखमरी और कंगाली से जनता का ध्यान हटाने के लिए अक्सर भारत के साथ तनाव बढ़ाने की कोशिश करती है। PoK में जो 4 दिवसीय महामंथन बुलाया गया है, वह केवल एक बैठक नहीं है बल्कि पाकिस्तान के लिए एक चेतावनी है। स्थानीय जनता का बढ़ता गुस्सा बताता है कि पाकिस्तान का नियंत्रण कमजोर हो रहा है। आज का 'नया भारत' पाकिस्तान की इन चालों को भली-भांति समझता है और सीमा पार से होने वाली किसी भी साजिश को नाकाम करने में सक्षम है। जिस तरह से व्यापारी और युवा इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं, उससे साफ है कि पाकिस्तान का अपने ही कब्जे वाले क्षेत्रों पर अधिकार बनाए रखना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है। क्या पाकिस्तान भारत के साथ फिर से किसी बड़े संघर्ष में उलझकर अपनी तबाही को न्योता दे रहा है, यह आने वाला समय ही बताएगा।
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