इंग्लैंड में 138 साल बाद दोहराया गया अजीबोगरीब इतिहास, टेस्ट सीरीज में शतक के लिए तरस गए बल्लेबाज

इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेली गई तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में बल्लेबाजों का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा, जिसके कारण एक दुर्लभ रिकॉर्ड दर्ज हुआ है। इस पूरी सीरीज में एक भी शतक नहीं बना, जो कि 138 साल बाद इंग्लैंड की सरजमीं पर हुआ है।

138 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में दिखी सूखी पिच

इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच हुई 2026 की टेस्ट सीरीज का परिणाम पाकिस्तान के लिए 3-0 के क्लीन स्वीप के रूप में सामने आया, लेकिन यह श्रृंखला केवल अपनी हार के लिए ही नहीं बल्कि एक अनूठे और हैरान करने वाले रिकॉर्ड के लिए भी हमेशा याद रखी जाएगी। क्रिकेट इतिहास में यह एक दुर्लभ संयोग है कि तीन मैचों की पूरी टेस्ट सीरीज में एक भी खिलाड़ी शतक जड़ने में सफल नहीं हो पाया। 100 साल से अधिक समय के बाद ऐसा वाकया दोहराया गया है, जिसने खेल प्रेमियों को चौंका दिया है।

इंग्लैंड के बल्लेबाजों का संघर्ष

जो रूट के नेतृत्व में इंग्लैंड ने इस सीरीज में दबदबा बनाए रखा और 3-0 से जीत हासिल की। हालांकि, व्यक्तिगत प्रदर्शन के नजरिए से देखें तो इंग्लैंड के लिए भी यह समय चुनौतीपूर्ण रहा। टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा अर्धशतक का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम रखने वाले जो रूट भी इस सीरीज में शतक के सूखे को नहीं तोड़ पाए। उन्होंने इस पूरी सीरीज के दौरान कुल पांच पारियों में बल्लेबाजी की, जिसमें उनके बल्ले से केवल दो अर्धशतक ही निकले। गौरतलब है कि इससे पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ हुई सीरीज में भी रूट शतक लगाने में नाकाम रहे थे।

टीम इंग्लैंड की बल्लेबाजी की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरी सीरीज के दौरान इंग्लैंड के किसी भी बल्लेबाज ने केवल एक बार 80 रन के स्कोर को पार किया। हैरी ब्रुक ने पहले टेस्ट की पहली पारी में 91 रन बनाए, जो पूरी सीरीज में इंग्लैंड के किसी भी खिलाड़ी द्वारा बनाया गया सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर रहा।

सऊद शकील और शान मसूद के करीब पहुंचकर चूके शतक

पाकिस्तान की ओर से भी बल्लेबाजी का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा। टीम की बल्लेबाजी छह में से पांच पारियों में पूरी तरह बिखरती नजर आई। व्यक्तिगत स्तर पर सऊद शकील ने लॉर्ड्स टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार खेल दिखाते हुए 97 रन की पारी खेली। वे महज तीन रन से शतक से दूर रह गए, लेकिन उन्होंने लॉर्ड्स में टेस्ट मैच की चौथी पारी में किसी पाकिस्तानी बल्लेबाज द्वारा बनाए गए सबसे बड़े स्कोर का रिकॉर्ड जरूर बना दिया।

इसके अलावा, बर्मिंघम में खेले गए तीसरे टेस्ट की पहली पारी में पाकिस्तान के शान मसूद ने 95 रन बनाए। इन चंद पारियों को छोड़ दें तो पूरी सीरीज में कोई भी बल्लेबाज शतक के करीब तक नहीं पहुंच पाया। आंकड़े बताते हैं कि 2026 की यह इंग्लैंड-पाकिस्तान सीरीज क्रिकेट इतिहास की महज आठवीं ऐसी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज रही है, जिसमें किसी भी बल्लेबाज ने शतक नहीं लगाया। इंग्लैंड की घरेलू सरजमीं पर ऐसा आखिरी बार 1888 की एशेज सीरीज में देखा गया था।

72 साल का शर्मनाक रिकॉर्ड टूटा

इस सीरीज ने पाकिस्तान के लिए एक और बेहद खराब रिकॉर्ड जोड़ दिया है। पाकिस्तान को इंग्लैंड में 72 साल के लंबे अंतराल के बाद टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा है। पाकिस्तान ने साल 1954 में पहली बार इंग्लैंड का दौरा किया था और तब से लेकर अब तक, यानी सात दशकों से अधिक समय में, उसे कभी भी इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज के सभी मैचों में हार का मुंह नहीं देखना पड़ा था।

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