अदम्य साहस की मिसाल बनीं केसर
राजस्थान की राजधानी जयपुर की रहने वाली महज 13 साल की शूटर केसर पारिक ने अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से खेल जगत में बड़ी पहचान बनाई है। कम उम्र में ही एक सड़क दुर्घटना का शिकार होने के बाद उन्होंने अपना दाहिना हाथ खो दिया था, लेकिन इस शारीरिक कमी को उन्होंने कभी अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। आज केसर के कारनामे यह साबित कर रहे हैं कि अगर इरादे बुलंद हों, तो कोई भी शारीरिक चुनौती सपनों की राह में बाधा नहीं बन सकती।
देहरादून में लहराया परचम
केसर ने शूटिंग के क्षेत्र में कदम रखे हुए अभी केवल 6 से 8 महीने का ही समय हुआ है। इतने कम वक्त में उन्होंने देहरादून में आयोजित 45वीं नॉर्थ जोन शूटिंग चैंपियनशिप 2026 में हिस्सा लिया और बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए कुल 6 पदक अपने नाम किए। इन पदकों में 5 स्वर्ण और 1 रजत पदक शामिल है।
कोच का मार्गदर्शन और कड़ा अभ्यास
केसर अपनी सफलता का श्रेय अपनी कड़ी मेहनत और कोच योगेश शेखावत के मार्गदर्शन को देती हैं। वह जयपुर स्थित एकलव्य स्पोर्ट्स शूटिंग एकेडमी में हर दिन 6 से 8 घंटे तक अभ्यास करती हैं। उनके कोच योगेश शेखावत पैरा शूटिंग के क्षेत्र में एक बड़ा नाम हैं, जिनके मार्गदर्शन में ही मोना अग्रवाल ने पेरिस पैरालंपिक 2024 में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया था। कोच के दिशा-निर्देशों पर चलते हुए केसर अब शूटिंग की तकनीक, शरीर के संतुलन और मानसिक मजबूती को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।
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