राजस्थान में मिलावट के खिलाफ हुंकार, बीकानेर से दिल्ली तक 700 किलोमीटर की लंबी पदयात्रा

खाद्य पदार्थों में मिलावट और हानिकारक रसायनों के उपयोग के खिलाफ युवाओं ने मोर्चा खोल दिया है। बीकानेर से दिल्ली के जंतर-मंतर तक निकाली जा रही 700 किलोमीटर की पदयात्रा का उद्देश्य जन जागरूकता फैलाना और सरकार से सख्त कदम उठवाना है।

मिलावटखोरी के खिलाफ युवाओं की बड़ी मुहिम

राजस्थान में खान-पान की चीजों में की जा रही मिलावट के विरुद्ध एक बड़ा आंदोलन शुरू हो गया है। खाद्य सुरक्षा और शुद्धता की मांग को लेकर युवाओं ने बीकानेर से दिल्ली के जंतर-मंतर तक एक लंबी पदयात्रा शुरू की है, जिसे फूड रियलिटी मार्च का नाम दिया गया है। यह अभियान अब एक व्यापक जन आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल होकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं।

पदयात्रा का मार्ग और उद्देश्य

4 सितंबर को बीकानेर से शुरू हुई यह पदयात्रा मंगलवार को फतेहपुर पहुंची। यह यात्रा कुल 700 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करेगी। अपने सफर के दौरान यह मार्च रतनगढ़, लक्ष्मणगढ़, सीकर, जयपुर, कोटपूतली, बहरोड़ और गुरुग्राम जैसे प्रमुख शहरों से होकर गुजरेगा। इस पदयात्रा के दौरान युवाओं की टोली आम लोगों को निम्नलिखित खतरों से सतर्क कर रही है:

  • खाद्य पदार्थों में की जा रही व्यापक मिलावट।
  • सब्जियों और फलों को पकाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे घातक रासायनिक पदार्थ।
  • अशुद्ध भोजन से सेहत पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभाव।

सरकार के सामने रखी गई मांगें

दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के माध्यम से आयोजक अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाएंगे। खाद्य सुरक्षा के मानकों को मजबूत करने के लिए आयोजकों ने सरकार के सामने कुल 12 मांगें रखी हैं। युवाओं का कहना है कि वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक कि देश में खाद्य सुरक्षा के कड़े कानून लागू नहीं हो जाते और आम जनता को शुद्ध भोजन मिलने की गारंटी नहीं मिलती।

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