हबीबी, ईरान आओ ना: तेहरान ने उड़ाया अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप का मज़ाक

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच तेहरान ने एक अनोखे अंदाज में जवाब दिया है। ईरानी दूतावास ने डोनाल्ड ट्रंप को 'अंकल सैम' संबोधित करते हुए ईरान आने की चुनौती दी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर तीखी तनातनी

अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है। हाल ही में रविवार को अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित एक द्वीप पर मौजूद ईरानी रॉकेट लॉन्चरों को अपना निशाना बनाया। अमेरिकी प्रशासन का यह दावा है कि ईरान इन लॉन्चरों का इस्तेमाल समुद्री मार्ग में बारूदी सुरंगें यानी माइन्स बिछाने की साजिश रच रहा था। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक नया प्रस्ताव रखते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदलकर 'ट्रंप स्ट्रेट' करने की बात कही है।

ईरान का अनोखा अंदाज

अमेरिकी राष्ट्रपति के इन बयानों और सैन्य हमलों के जवाब में सिएरा लियोन स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक तंज भरा संदेश साझा किया है। इस पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप को 'अंकल सैम' कहकर संबोधित किया गया है और उनसे ईरान आने की चुनौती भरी अपील की गई है। पोस्ट का मुख्य आकर्षण 'हबीबी, ईरान आओ' का नारा है। इसके साथ ही दूतावास ने 35 सेकंड का एक एनिमेटेड 3D वीडियो भी जारी किया है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य का नक्शा दिखाया गया है और इस पर 'माइनस्वीपर' गेम खेला जा रहा है।

लगातार हमलों का सिलसिला

गौरतलब है कि अमेरिका ने पिछले हफ्ते ही होर्मुज के महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय शिपिंग रूट से समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने का काम पूरा किया था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि कोई भी ईरानी नाव या जहाज दोबारा बारूदी सुरंगें बिछाता पाया गया, तो उसे फौरन नष्ट कर दिया जाएगा। इस चेतावनी के जवाब में ईरान ने जॉर्डन स्थित अमेरिकी सेना के दो ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से जोरदार हमला किया, जिससे भारी नुकसान होने की खबर है। हालांकि, जॉर्डन की सेना ने दावा किया कि उन्होंने कुल आठ मिसाइलों को मार गिराया था।

बदले की कार्रवाई और ट्रंप की धमकी

इसी महीने अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर फिर से प्रहार किया। ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए ईरान को धमकाते हुए कहा कि यदि नाकाम देश ईरान ने इस हमले का जवाब देने की कोशिश की, तो उन पर और भी भयानक हमला किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने जवाबी कार्रवाई की, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान का बहुत कम हिस्सा ही सुरक्षित बचेगा। अमेरिका और ईरान के बीच जारी यह संघर्ष अब छह महीने से ज्यादा समय से चल रहा है। इस पूरे टकराव की बुनियादी वजह डोनाल्ड ट्रंप का वह घोषित लक्ष्य है, जिसके जरिए वे तेहरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।

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