पाकिस्तान की बौखलाहट और जासूसी का षड्यंत्र
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पाकिस्तान की सैन्य और खुफिया एजेंसियों में खलबली मची हुई थी। इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान की कमर टूट चुकी थी, उसके सैन्य ठिकाने मलबे में तब्दील हो गए थे और एयरबेस तबाह हो चुके थे। आसिम मुनीर और शहबाज शरीफ की सरकार भारत से सीजफायर की गुहार लगाने पर मजबूर हो गई थी। पाकिस्तान की इस दुर्गति का मुख्य कारण भारत का शक्तिशाली S-400 एयर डिफेंस सिस्टम और ब्रह्मोस मिसाइलें थीं। पाकिस्तान इस कदर खौफजदा था कि उसने भारत के इस अभेद्य सुरक्षा कवच, जिसे भारत में सुदर्शन चक्र के नाम से जाना जाता है, की लोकेशन तलाशने के लिए भारत की सीमा के भीतर अपने गुप्त एजेंटों और स्लीपर सेल के नेटवर्क को सक्रिय कर दिया था।
एयर मार्शल ने किया सनसनीखेज खुलासा
एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान इस बात का खुलासा किया है कि किस तरह पाकिस्तान भारत के सबसे घातक हथियार को ढूंढने के लिए बेताब था। उन्होंने बताया कि युद्ध में आधुनिक हथियारों का होना एक पहलू है, लेकिन उनका सटीक उपयोग जीत का असली आधार होता है। एयर मार्शल के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने S-400 का पता लगाने के लिए अपनी एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। उन्होंने कहा, उनके लिए S-400 सबसे बड़ा खतरा साबित हो रहा था, इसलिए उन्होंने इसे खोजने के लिए भारत में जासूस तैनात किए और हमारे देश के अंदर स्लीपर सेल को सक्रिय किया। इसके अलावा, उन्हें संदेह है कि पाकिस्तान को अन्य देशों से सैटेलाइट के जरिए भी गुप्त मदद मिल रही थी, हालांकि उन्होंने किसी विशिष्ट देश का नाम नहीं लिया।
अंधेरे में तीर चलाता रहा दुश्मन
एयर मार्शल ने पाकिस्तान की सैन्य रणनीतियों का मजाक उड़ाते हुए बताया कि दुश्मन ने आदमपुर एयरबेस को निशाना बनाने की जो नापाक कोशिश की थी, वह पूरी तरह से एक तुक्का थी। पाकिस्तान को लगता था कि शायद S-400 वहां तैनात हो सकता है, इसलिए बिना किसी ठोस खुफिया जानकारी के उन्होंने अंधाधुंध हमले किए। 9 और 10 मई की दरम्यानी रात को पाकिस्तान ने केवल आदमपुर ही नहीं, बल्कि पठानकोट, भटिंडा और उधमपुर जैसे महत्वपूर्ण भारतीय वायुसेना ठिकानों को भी निशाना बनाने का दुस्साहस किया था। ये सभी प्रयास पाकिस्तान की हताशा को दर्शाते थे कि वह किसी भी तरह भारत के एयर डिफेंस को बेअसर करना चाहता था।
क्या है S-400 और क्यों थर-थर कांपता है पाकिस्तान
S-400 एक अत्याधुनिक रूसी एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम है, जो भारतीय हवाई सुरक्षा का रीढ़ माना जाता है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी मिसाइल हमलों को हवा में ही नाकाम करने में इस प्रणाली ने निर्णायक भूमिका निभाई थी। दुश्मन के विमान, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइल जैसे हवाई खतरों को यह सिस्टम लंबी दूरी से ही भांप लेता है और उन्हें हवा में नष्ट करने में सक्षम है। S-400 की कार्यप्रणाली तीन मुख्य स्तंभों पर टिकी है:
- मिसाइल लॉन्चर: जो खतरे को हवा में ढेर करने के लिए मिसाइल दागता है।
- शक्तिशाली रडार: जो दुश्मनों की सूक्ष्म गतिविधियों पर बारीक नजर रखता है।
- कमांड सेंटर: जो यह निर्णय लेता है कि किस खतरे के खिलाफ कौन सा हथियार प्रभावी होगा।
अभूतपूर्व क्षमता और भविष्य की तैयारी
इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसकी 400 किलोमीटर तक की मारक क्षमता है। यह एक ही समय में अलग-अलग ऊंचाई और दूरी पर मौजूद कई लक्ष्यों को एक साथ ट्रैक कर सकता है। मार्च के आंकड़ों के अनुसार, भारत को अपना पांचवां S-400 सिस्टम इसी साल नवंबर तक प्राप्त होने की उम्मीद है। इसके अलावा, भारत सरकार ने पांच और S-400 सिस्टम खरीदने की मंजूरी दे दी है। ये सिस्टम इतने शक्तिशाली हैं कि पाकिस्तान में सिंधु नदी के पूर्व की ओर उड़ने वाले किसी भी हवाई लक्ष्य को ये सेकंडों में तबाह कर सकते हैं। पाकिस्तान की बेचैनी का कारण यही है कि भारत की यह सुरक्षा दीवार अब उसकी हर हरकत पर बाज जैसी नजर रखे हुए है।
https://hindi.news18.com/news/nation/pakistan-activates-spies-sleeper-cells-in-india-to-locate-s400-during-operation-sindoor-claism-air-marshal-10787648.html