सड़कों को लेकर दिया विवादित बयान
मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानों का दौर गर्म हो गया है। इस बार चर्चा में हैं राज्य के मंत्री लखन पटेल। उन्होंने सड़कों की स्थिति पर जो टिप्पणी की है, उसने विपक्ष और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को मुखर होने का मौका दे दिया है। नरसिंहगढ़ में एक शादी घर के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि सड़कों पर गड्ढे केवल उन लोगों को दिखाई दे रहे हैं, जिन्होंने पहले सड़कें देखी ही नहीं थीं। उनका यह बयान अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
मंत्री का अजीबोगरीब तर्क
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री लखन पटेल ने कहा कि आज की नई पीढ़ी को सरकार के किए गए कार्यों का अंदाजा नहीं है, क्योंकि उन्होंने विकास ही देखा है। उन्होंने एक वाकया साझा करते हुए कहा कि एक मित्र ने जब उनसे सड़कों पर गड्ढों की शिकायत की, तो उन्होंने पलटकर सवाल किया कि क्या उन्होंने पहले का समय देखा है। मंत्री के अनुसार, पहले सड़कें होती ही नहीं थीं, इसलिए गड्ढों का सवाल ही नहीं उठता था। उन्होंने आगे कहा कि जो नए लड़के हैं, उन्हें गड्ढे इसलिए दिख रहे हैं क्योंकि उन्होंने सड़क का असली स्वरूप ही नहीं देखा है।
आर्थिक बदलाव का दावा
अपने भाषण के दौरान लखन पटेल ने सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए यह भी कहा कि लोग अक्सर उन कामों की चर्चा ज्यादा करते हैं जो पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए बताया कि पहले किसी गांव में 500 रुपयों की जरूरत पूरी करना भी एक कठिन कार्य होता था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने विकास के दावों के साथ यह संदेश देने की कोशिश की कि सरकार की नीतियों का लाभ आम जनता तक पहुंच रहा है, हालांकि सड़कों पर उनके इस बयान ने लोगों की नाराजगी को और हवा दी है।
लखन पटेल का राजनीतिक सफर
लखन पटेल मध्य प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के एक प्रमुख नेता के तौर पर जाने जाते हैं। वे पथरिया विधानसभा सीट से प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके राजनीतिक सफर पर नजर डालें तो उन्होंने 2013 में पहली बार विधायक का चुनाव जीता था। इसके बाद 2018 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। हार के बावजूद वे अपने क्षेत्र में सक्रिय बने रहे और जनता के बीच अपनी पकड़ बनाए रखी। इसी का परिणाम रहा कि 2023 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने जोरदार वापसी की और कांग्रेस प्रत्याशी राव बिजेंद्र सिंह को 18,000 से अधिक मतों के अंतर से करारी शिकस्त दी।
पशुपालन विभाग से हुई थी विदाई
लखन पटेल को लेकर हाल के दिनों में एक और घटना काफी चर्चित रही है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उनसे पशुपालन एवं डेयरी विभाग का प्रभार वापस ले लिया था। इस महत्वपूर्ण बदलाव के बाद यह पूरा महकमा सीधे मुख्यमंत्री ने अपने अधीन ले लिया था। इस कार्रवाई के बाद लखन पटेल के पास केवल आनंद विभाग की जिम्मेदारी ही शेष रह गई थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मंत्रिमंडल में विभागों के इस फेरबदल और हालिया बयानों के बाद लखन पटेल पर पार्टी और सरकार का दबाव बढ़ना स्वाभाविक है। अब देखना यह होगा कि सड़कों की स्थिति पर दिया गया उनका यह बयान आने वाले समय में किस तरह का रुख अख्तियार करता है।
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