गांव में पसरा खौफ
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के धमना गांव में इन दिनों एक6 फीटलंबे मगरमच्छ ने दहशत मचा रखी है। गांव के बीच स्थित तालाब में इस विशालकाय जीव के आने से आम जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। स्थिति यह है कि तालाब के तीनों तरफ रिहायशी इलाके हैं और अक्सर बच्चे वहां खेलते रहते थे, लेकिन मगरमच्छ के आने के बाद से अब वहां सन्नाटा पसरा रहता है। ग्रामीणों में डर का माहौल इतना ज्यादा है कि वे अपने घरों से बाहर निकलने में भी कतरा रहे हैं।
लगातार हो रहे हैं हमले
स्थानीय निवासी मुकेश साहू ने जानकारी दी है कि यह मगरमच्छ पिछले20 दिनोंसे तालाब में ही टिका हुआ है। यह मगरमच्छ अब तक कई पालतू जानवरों और मवेशियों के बच्चों का शिकार कर चुका है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब लगभग तीन-चार दिन पहले इस मगरमच्छ ने एक महिला पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों की सुरक्षा पर एक बड़ा प्रश्नचिन्ह लग गया है और गांव वाले लगातार किसी अनहोनी की आशंका में जी रहे हैं।
केन नदी से आया है संकट
ग्रामीणों का यह मानना है कि यह मगरमच्छ पास कीकेन नदीसे बहकर आया है। हाल ही में बारिश के मौसम में नदी में बाढ़ आई थी, जिसका पानी गांव के पास तक पहुंच गया था। अनुमान है कि उसी दौरान बाढ़ के पानी के साथ यह मगरमच्छ रास्ता भटककर गांव के तालाब में आ फंसा। पिछले15 से 20 दिनोंसे यह मगरमच्छ गांव वालों के लिए बड़ी मुसीबत बना हुआ है और लोग इसकी वजह से अपने पशुओं को भी पानी पिलाने के लिए तालाब के पास नहीं ले जा पा रहे हैं।
प्रशासन की लापरवाही
ग्रामीणों ने पन्ना टाइगर रिजर्व और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मुकेश साहू के अनुसार, उन्होंने चंद्रनगर रेंज ऑफिसर को इस पूरे मामले की लिखित शिकायत दी थी। इतना ही नहीं, खजुराहो रेंज के अधिकारियों को फोन पर सूचना दी गई और पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर को भी मामले की गंभीरता से अवगत कराया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि डिप्टी डायरेक्टर ने उन्हें आश्वासन दिया था कि3-4 दिनके भीतर बचाव दल भेजकर मगरमच्छ का रेस्क्यू करा लिया जाएगा। हालांकि, वादा करने के कई दिन बीत जाने के बाद भी वन विभाग की तरफ से कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची है।
जिम्मेदारी किसकी
गांव वालों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। ग्राम पंचायत ने भी प्रशासन को इस बारे में लिखित सूचना सौंप दी है। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि यदि भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना या जनहानि होती है, तो उसके लिए पूरी तरह से पन्ना टाइगर रिजर्व और वन विभाग जिम्मेदार होगा। गांव के लोगों ने वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि किसी बड़ी अनहोनी के होने से पहले ही जल्द से जल्द इस मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़कर कहीं और छोड़ा जाए ताकि धमना गांव के लोग दोबारा सामान्य जीवन जी सकें।
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