आजमगढ़ में मई महीने में पकड़ी गई 43.32 लाख रुपये की स्टांप चोरी, बैनामादारों को नोटिस और अर्थदंड की तैयारी

आजमगढ़ की 8 तहसीलों के उपनिबंधन कार्यालयों में मई माह के निरीक्षण में 39 प्रकरणों में कुल 43.32 लाख रुपये की स्टांप अपवंचन सामने आई है। जिला प्रशासन अब संबंधित बैनामादारों को नोटिस भेजकर अर्थदंड तय करेगा और न्यायालय में वाद दाखिल किया गया है।

आजमगढ़ जिले में एक बार फिर स्टांप चोरी का मामला सामने आया है। यहां जमीन के बैनामादारों द्वारा करीब 43.32 लाख रुपये की स्टांप चोरी पकड़ी गई है। जांच में पता चला कि जमीन की रजिस्ट्री के दौरान आवश्यकता से कम स्टांप ड्यूटी जमा कर प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी। कुल 39 लेख पत्रों पर यह गड़बड़ी पकड़ में आई है। रजिस्ट्री के अभिलेखों की जांच में मामला उजागर होने के बाद विभाग दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की तैयारी कर रहा है।

8 तहसीलों में हुआ अभिलेखों का निरीक्षण

जनपद की 8 तहसीलों के उपनिबंधन कार्यालयों में मई माह के दौरान संपत्ति रजिस्ट्री से जुड़े 235 प्रकरणों के अभिलेखों का निरीक्षण किया गया। इनमें से 196 प्रकरणों के अभिलेख सही पाए गए, जबकि 39 प्रकरणों में 43.32 लाख रुपये की स्टांप अपवंचन यानी चोरी सामने आई।

जांच के दौरान सामने आए स्टांप चोरी के मामलों में रजिस्ट्री कराने वालों के विरुद्ध सहायक महानिरीक्षक निबंध न्यायालय में वाद दाखिल किया गया है। इसके साथ ही सुनवाई के लिए संबंधित न्यायालयों में प्रकरण स्थानांतरित भी किए जाएंगे।

बैनामादारों को भेजी जाएगी नोटिस

विभाग द्वारा संबंधित बैनामादारों को नोटिस जारी की जाएगी और इसी दौरान उन पर लगाए जाने वाले अर्थदंड का निर्धारण भी किया जाएगा। आजमगढ़ की सभी तहसीलों के उपनिबंधन कार्यालयों में हर माह लाखों रुपये की भूमि, आवास आदि की रजिस्ट्री होती है। संपत्ति खरीदने वालों को जिला प्रशासन द्वारा तय सर्किल रेट के आधार पर स्टांप ड्यूटी अदा करनी होती है।

हालांकि कई बार बैनामा करने वाले संपत्ति से जुड़े तथ्यों को छिपाकर कम स्टांप ड्यूटी चुकाते हुए रजिस्ट्री करा लेते हैं। बाद में मौके पर जांच के दौरान संपत्ति से संबंधित असल तथ्य सामने आते हैं और स्टांप चोरी जैसे मामले पकड़ में आते हैं, जिसके बाद दोषियों पर विधिक कार्यवाही की जाती है।

किस स्तर पर कितनी चोरी पकड़ी गई

मई माह में हुए स्थलीय निरीक्षण के दौरान स्टांप चोरी पर नकेल कसने के लिए जिलाधिकारी की ओर से पांच लेख पत्रों की जांच की गई, जिनमें से एक लेख पत्र में कमी मिली और 1.15 लाख रुपये की स्टांप चोरी पकड़ी गई।

  • अपर जिलाधिकारी द्वारा 16 मामलों का निरीक्षण किया गया, जिनमें 3.3 लाख रुपये की स्टांप चोरी सामने आई।
  • सहायक महानिरीक्षक निबंध द्वारा 56 लेख पत्रों की जांच की गई, जिनमें 9 लेख पत्रों में कमियां पाई गईं और 16.54 लाख रुपये की स्टांप चोरी का मामला उजागर हुआ।

इसी तरह आजमगढ़ जनपद में मई के महीने में कुल 43.32 लाख रुपये की स्टांप चोरी पकड़ी गई।

हर महीने होता है स्थलीय निरीक्षण

इस संबंध में जानकारी देते हुए उप स्टांप आयुक्त राजेश कुमार ने बताया कि आजमगढ़ जनपद के सभी निबंधन कार्यालयों में स्टांप चोरी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए हर महीने स्थलीय निरीक्षण किया जाता है। उन्होंने बताया कि स्टांप चोरी करने वाले बैनामादारों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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