सरकारी नौकरी की शारीरिक परीक्षा, सेना भर्ती, पुलिस भर्ती, अग्निवीर या किसी भी प्रतियोगी दौड़ की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए केवल रोजाना लंबी दौड़ लगा लेना ही कामयाबी की गारंटी नहीं है। बेहतर प्रदर्शन के लिए सही तकनीक, संतुलित खानपान, नियमित अभ्यास और शरीर को पर्याप्त आराम देना भी उतना ही अहम है। यह सलाह दौड़ प्रशिक्षण विशेषज्ञ आनन्द कुमार देते हैं।
शुरुआत में जल्दबाजी पड़ सकती है भारी
आनन्द कुमार के मुताबिक कई अभ्यर्थी तैयारी की शुरुआत में ही ज्यादा दूरी और तेज रफ्तार से दौड़ने लगते हैं। इससे शरीर पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता है और चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। उनका कहना है कि दौड़ का अभ्यास धीरे-धीरे बढ़ाना चाहिए, ताकि शरीर उस दबाव को आसानी से झेल सके।
वार्मअप और कूल डाउन न भूलें
विशेषज्ञ की सलाह है कि दौड़ शुरू करने से पहले वार्मअप और दौड़ पूरी होने के बाद कूल डाउन एक्सरसाइज जरूर करनी चाहिए। ऐसा करने से शरीर फिट बना रहता है और चोट लगने की आशंका भी काफी कम हो जाती है।
स्टैमिना के लिए सिर्फ दौड़ काफी नहीं
उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल दौड़ लगाने से स्टैमिना नहीं बढ़ता। इसके लिए स्किपिंग, पुशअप, स्क्वाट और दूसरे शारीरिक व्यायाम भी जरूरी हैं। ऐसे अभ्यास शरीर की ताकत बढ़ाते हैं और लंबे समय तक दौड़ने की क्षमता विकसित करने में मदद करते हैं।
मांसपेशियों को रिकवरी का समय जरूरी
आनन्द कुमार ने सलाह दी कि सप्ताह में कम से कम एक दिन शरीर को पूरी तरह आराम जरूर देना चाहिए, ताकि मांसपेशियों को रिकवर होने का मौका मिल सके।
जंक फूड और तैलीय भोजन से बनाएं दूरी
खानपान के बारे में उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की शारीरिक तैयारी कर रहे युवाओं को जंक फूड और बहुत अधिक तैलीय भोजन से बचना चाहिए। भोजन में हरी सब्जियां, फल, दूध, दही, दाल और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए।
इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी बेहद जरूरी है। शरीर में पानी की कमी होने पर प्रदर्शन पर बुरा असर पड़ सकता है।
अच्छी नींद है सफलता का अहम आधार
आनन्द कुमार के अनुसार अच्छी नींद भी कामयाबी की एक अहम कड़ी है। कई अभ्यर्थी देर रात तक जागते हैं और सुबह अभ्यास पर निकल जाते हैं, जिससे शरीर पूरी तरह रिकवर नहीं हो पाता। रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लेने से शरीर ऊर्जावान रहता है और अभ्यास के बेहतर नतीजे मिलते हैं।
सांसों पर नियंत्रण से देर से होती है थकान
उन्होंने बताया कि दौड़ के दौरान सांसों पर नियंत्रण रखना भी बेहद जरूरी है। सही तरीके से सांस लेने पर शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है, जिससे थकान देर से महसूस होती है और प्रदर्शन बेहतर रहता है। साथ ही अभ्यर्थियों को अपनी क्षमता के अनुसार लक्ष्य तय कर नियमित अभ्यास करना चाहिए।
लगातार सुधरेगा प्रदर्शन
आनन्द कुमार का मानना है कि अगर अभ्यर्थी सही तकनीक, संतुलित आहार, पर्याप्त आराम और नियमित अभ्यास पर ध्यान दें, तो उनका स्टैमिना बढ़ेगा और प्रतियोगी दौड़ में उनका प्रदर्शन भी लगातार बेहतर होता जाएगा।
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