पुलवामा में सुरक्षाबलों को मिली बड़ी कामयाबी
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं और लगातार आतंकी साजिशों को नाकाम कर रही हैं। इसी क्रम में पुलवामा जिले में सुरक्षाबलों ने एक साझा कार्रवाई करते हुए आतंकियों के दो सहयोगियों को दबोच लिया है। यह गिरफ्तारी राजपोरा इलाके के अंतर्गत आने वाले सीबी नाथ के यारवान जंगल क्षेत्र में एक सुनियोजित तलाशी अभियान के दौरान की गई। सुरक्षाबलों को मिली इस बड़ी सफलता के बाद पूरे इलाके में निगरानी और बढ़ा दी गई है।
ऑपरेशन की मुख्य जानकारी
यह संयुक्त ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG), भारतीय सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल्स और CRPF की 183 बटालियन ने मिलकर अंजाम दिया है। सुरक्षाबलों को क्षेत्र में कुछ संदिग्ध गतिविधियों के बारे में खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर इस अभियान को शुरू किया गया था। 24 और 25 अगस्त की दरमियानी रात को जब सुरक्षाबलों की टीमें घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) चला रही थीं, तब उन्हें जंगल की ओर से आते हुए दो संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
सुरक्षाबलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया और सख्ती से पूछताछ शुरू की। गिरफ्तार किए गए दोनों व्यक्तियों की पहचान लस्सी डबन निवासी लतीफ अहमद दीदार (पिता का नाम गुलाम मोहम्मद दीदार) और बुन खा बमणू निवासी एजाज अहमद बाजद (पिता का नाम नजीर अहमद बाजद) के रूप में हुई है। जांच के दौरान इन दोनों के पास से सुरक्षाबलों को एक पिस्तौल, 12 राउंड गोला-बारूद और एक हैंड ग्रेनेड बरामद हुआ है।
कानूनी कार्रवाई और जांच
पुलिस ने इस संबंध में राजपोरा थाने में FIR नंबर 118/2026 दर्ज की है। इस मामले में आर्म्स एक्ट की धारा 7/25 और UAPA की धारा 13, 18, 23 और 39 के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इस बात की गहन जांच कर रही हैं कि ये दोनों आरोपी किन आतंकी संगठनों के संपर्क में थे और बरामद हथियारों की खेप उन्हें कहां से मिली थी। उनके पूरे नेटवर्क को खंगालने का काम जारी है।
घाटी में लगातार चल रहे सुरक्षा अभियान
यह कार्रवाई घाटी में सुरक्षा के मद्देनजर अपनाई जा रही सख्त नीति का हिस्सा है। इसी क्रम में पिछले 24 घंटों के भीतर कश्मीर के अन्य इलाकों में भी बड़ी सफलताएं मिली हैं। सोपोर में सुरक्षाबलों ने एक पुराने खाली घर से भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह घर एक कश्मीरी पंडित परिवार का था, जो वर्ष 1990 में घाटी से पलायन कर गया था। इसके साथ ही, दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में भी सुरक्षाबलों ने मुगल रोड के समीप नाका चेकिंग के दौरान तीन संदिग्ध ओवरग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार किया है, जिनसे दो हैंड ग्रेनेड और हिज्बुल मुजाहिदीन के पांच पोस्टर बरामद हुए हैं।
कश्मीरी पंडितों को नई धमकियां
लगातार चल रहे सुरक्षा ऑपरेशनों के बीच, घाटी में एक बार फिर कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाने की कोशिशें तेज हो गई हैं। पिछले 15 दिनों में यह दूसरी बार है जब सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ धमकियों भरे नोट वायरल हुए हैं। यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट (ULC) नामक एक संगठन की ओर से यह धमकी जारी की गई है, जिसमें कुछ विशेष नाम और पते दिए गए हैं। संगठन ने धमकी भरे लहजे में लिखा है कि हम आपकी हर गतिविधि पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस धमकी के स्रोत और इससे जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
https://www.indiatv.in/jammu-and-kashmir/two-terrorist-associates-arrested-weapons-cache-recovered-pulwama-security-forces-joint-operation-2026-08-25-1239263