गुजरात के भावनगर जिले में जहरीली शराब पीने की वजह से हड़कंप मचा हुआ है। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या अब बढ़कर 13 हो गई है। शनिवार तक इस त्रासदी में मरने वालों का आंकड़ा 11 था, लेकिन रविवार की सुबह इलाज के दौरान दो और मरीजों ने दम तोड़ दिया। जिला प्रशासन और चिकित्सा अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस जहरीले पेय का सेवन करने वाले कुल 67 लोगों में से दो मरीज अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं और उनकी स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है।
मृतकों की पहचान और डॉक्टरों की कोशिशें
भावनगर जिला प्रशासन ने इस दुखद घटना के संबंध में आधिकारिक आंकड़े जारी किए हैं। प्रशासन के अनुसार, शनिवार को भावनगर के सरकारी अस्पताल में इलाज करा रहे 36 वर्षीय हार्दिक किलजी और 54 वर्षीय अविनाश परमार की मौत हो गई थी। इसके अलावा, एक अन्य पीड़ित संजय डोडिया ने सूरत के एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया था। इस तरह शनिवार को तीन लोगों की मौत हुई थी और रविवार को दो और मरीजों की मौत के बाद यह आंकड़ा 13 तक पहुंच गया। डॉक्टरों का कहना है कि इन सभी लोगों ने अत्यधिक विषैले रसायन मेथनॉल से बनी जहरीली शराब पी थी, जो मानव शरीर के अंगों को तुरंत निष्क्रिय कर देता है।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई
इस बड़ी लापरवाही और गंभीर घटना के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग तुरंत हरकत में आया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि शराब पीने वाले कुल लोगों में से 28 को विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी मिल चुकी है, क्योंकि उनकी हालत में सुधार आ गया था। इसके साथ ही, प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए उन 24 अन्य लोगों का भी समय रहते पता लगा लिया, जिन्होंने इसी शराब का सेवन किया था। इन सभी 24 लोगों को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में ले जाकर उनकी गहन चिकित्सकीय जांच कराई गई, जहां राहत की बात यह रही कि वे सभी पूरी तरह से स्वस्थ पाए गए।
नकली ब्रांडिंग और आरोपियों की गिरफ्तारी
गुजरात जैसे 'शराबबंदी वाले राज्य' में, जहां शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन पर पूरी तरह से कानूनी प्रतिबंध है, वहां इस तरह की घटना ने कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने इस जहरीली शराब को भारत में निर्मित विदेशी शराब यानी IMFL ब्रांड की बोतलों में पैक करके बेचा था, ताकि लोग इसे असली शराब समझकर खरीद लें।
पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए वरतेज थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की है। इस प्राथमिकी में कुल 21 आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें से अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस बाकी बचे अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज और विशेष जांच
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और गुजरात मद्य निषेध अधिनियम की विभिन्न कड़ी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इन आरोपियों पर गैर-इरादतन हत्या, मिलावट करने और जानबूझकर जहर देने जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय अदालत ने गुरुवार को आरोपियों की गंभीरता को देखते हुए उन्हें 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच राज्य निगरानी प्रकोष्ठ (SMC) को सौंप दी गई है। SMC गुजरात पुलिस का एक बेहद खास और विशिष्ट दस्ता है, जिसका मुख्य काम पूरे राज्य में अवैध शराब के कारोबार और जुए जैसी गैर-कानूनी गतिविधियों पर लगाम लगाना है। पुलिस इस पूरे रैकेट की तह तक जाने की कोशिश कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खतरनाक मेथनॉल की आपूर्ति कहां से की गई थी।
https://www.indiatv.in/gujarat/13-dead-in-gujarat-due-to-spurious-liquor-2-still-in-hospital-67-people-had-consumed-alcohol-laced-with-methanol-2026-08-23-1238921