होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बीच ईरान ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर से की बात

होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच तकरार के बीच ईरान के विदेश मंत्री और पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने फोन पर चर्चा की है।

क्षेत्रीय स्थिरता पर ईरान और पाकिस्तान की नजर

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी टकराव के बीच ईरान और पाकिस्तान के शीर्ष अधिकारियों के बीच एक महत्वपूर्ण बातचीत हुई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर को फोन किया और क्षेत्र के ताजा घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा की। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बातचीत की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों पक्षों ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रभावी समाधान तलाशने पर अपने विचार साझा किए हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव का केंद्र

यह कूटनीतिक संवाद ऐसे समय में हुआ है जब होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्रीय तनाव का मुख्य केंद्र बना हुआ है। यह जलमार्ग वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब सोमवार को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी। ईरान ने होर्मुज में अपनी पकड़ मजबूत रखने के प्रयास किए हैं और इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर ट्रांजिट फीस वसूलने की मांग भी रखी है। तेहरान ने उन जहाजों को निशाना बनाया है जिन्हें वह अपनी सुरक्षा के लिए खतरा या अनधिकृत मानता है।

समुद्री मार्ग पर जारी है नाकाबंदी और दबाव

एक तरफ ईरान अपने प्रभाव का उपयोग कर रहा है, तो दूसरी ओर अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर रखी है। इस टकराव के परिणामस्वरूप होर्मुज से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट दर्ज की गई है। समुद्री व्यापार का यह महत्वपूर्ण गलियारा वर्तमान में अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दबाव बढ़ गया है।

पाकिस्तान की कूटनीतिक सक्रियता

पाकिस्तान इस क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में एक सक्रिय भूमिका निभाने का प्रयास कर रहा है। इस्लामाबाद लगातार तेहरान के साथ संपर्क बनाए हुए है ताकि पश्चिम एशिया के अन्य देशों के साथ मिलकर इस संकट का कोई स्थायी राजनीतिक और कूटनीतिक हल निकाला जा सके। अराघची और मुनीर के बीच यह पहली बातचीत नहीं है, बल्कि दोनों ने इससे पहले भी क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर संवाद किया है। फील्ड मार्शल असीम मुनीर ने इस साल के शुरुआती महीनों में तेहरान का दौरा किया था, जहां उनकी प्राथमिकता क्षेत्रीय सुरक्षा और शांति कायम करने की थी।

60 दिन की समयसीमा का अंत

जून में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के उद्देश्य से एक सहमति बनी थी। इस समझौते के तहत विवाद को सुलझाने और वार्ता के लिए एक सकारात्मक मार्ग तैयार करने हेतु 60 दिनों की समयसीमा निर्धारित की गई थी। हालांकि, अब वह समयसीमा पूरी तरह समाप्त हो चुकी है और अभी तक कोई व्यापक समझौता नहीं हो पाया है। ऐसे में ईरान और पाकिस्तान के शीर्ष अधिकारियों के बीच हुई इस ताजा बातचीत को क्षेत्रीय तनाव के बीच कूटनीतिक सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि दोनों पक्ष संकट को और अधिक गहराने से रोकने के उपाय तलाश रहे हैं।

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