शादी के मंडप में पुलिस की दबिश
पंजाब के फरीदकोट स्थित गांव संधवां में आयोजित एक विवाह समारोह उस समय एक बड़े विवाद का केंद्र बन गया, जब रस्मों के बीच पुलिस ने लड़की के धर्म पिता को हिरासत में ले लिया। वहां आनंद कारज की पवित्र रस्में चल रही थीं कि अचानक सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों ने आकर सबको चौंका दिया। इस अप्रत्याशित कार्रवाई के बाद परिवार के सदस्यों ने कड़ा विरोध जताया, जिससे मौके पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई और पुलिस के साथ उनकी तीखी नोकझोंक व धक्का-मुक्की हुई। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान गरीब सिंह उर्फ राजू के रूप में हुई है, जिन्हें पुलिस बल अपने साथ ले गया।
विरोध और हाथापाई का दौर
गिरफ्तारी के दौरान स्थिति तब और बिगड़ गई जब परिवार के लोगों ने पुलिस की गाड़ी को रोकने का प्रयास किया। विरोध जताने के लिए एक व्यक्ति गाड़ी के सामने लेट गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने जबरन उस व्यक्ति को घसीटकर वहां से हटाया और गरीब सिंह को अपने साथ ले गए। इसी बीच वहां मौजूद कुछ लोगों ने एक पुलिसकर्मी के हाथ में पिस्तौल देखे जाने का दावा भी किया है, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल और अधिक गहरा गया।
परिजनों का पक्ष और आरोप
लड़की के भाई ने घटना का ब्यौरा देते हुए बताया कि शादी की खुशियों के बीच गिद्दड़बाहा पुलिस के कर्मचारी सादी वर्दी में वहां पहुंचे। उनका दावा है कि पुलिस ने गरीब सिंह को ट्रांसफार्मर और मोटर चोरी के एक पुराने मामले में आरोपी बताते हुए जबरन उठा लिया। परिवार के अनुसार, उन्हें एक यूपी नंबर की गाड़ी में बैठाकर ले जाया गया। भाई ने सफाई देते हुए कहा कि अतीत में जरूर उनका नाम चोरी के मामले में आया था, लेकिन अब उन्होंने ऐसी सभी संदिग्ध गतिविधियों से दूरी बना ली है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस उन्हें किसी गहरी साजिश के तहत किसी दूसरे फर्जी मामले में फंसाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस का स्पष्टीकरण
इस पूरे मामले पर गिद्दड़बाहा थाना के एसएचओ परविंदर सिंह ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि गरीब सिंह उर्फ राजू के विरुद्ध चोरी के गंभीर मामले में एफआईआर पहले से दर्ज है। पुलिस के मुताबिक, वह एक अंतरराज्यीय गिरोह का हिस्सा था जो ट्रांसफार्मर और मोटर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। इस गिरोह के पांच अन्य सदस्य पहले ही सलाखों के पीछे भेजे जा चुके हैं। पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि आरोपी एक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए संधवां गांव में आया है, जिसके बाद योजनाबद्ध तरीके से वहां दबिश दी गई। एसएचओ ने बताया कि दल में वर्दीधारी और सादी वर्दी वाले दोनों ही तरह के पुलिसकर्मी शामिल थे।
मारपीट के आरोपों को किया खारिज
एसएचओ परविंदर सिंह ने स्पष्ट किया कि गिरफ्तार व्यक्ति लड़की का वास्तविक पिता नहीं बल्कि धर्म पिता है। उन्होंने परिवार द्वारा पुलिस पर लगाए गए मारपीट के सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है। उनके अनुसार, पुलिस ने कोई बल प्रयोग नहीं किया, बल्कि गिरफ्तारी के समय परिवार के कुछ सदस्यों ने ही पुलिसकर्मियों के साथ बदसलूकी और हाथापाई की थी। पुलिस ने बताया कि इस गिरफ्तारी की कानूनी प्रक्रिया कोटकपूरा थाने में दर्ज की जा चुकी है। हालांकि, घटना के बाद सामने आए वीडियो के चलते अब पूरी कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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