कांग्रेस का केंद्र पर तीखा प्रहार
कांग्रेस कार्यसमिति की हालिया बैठक के बाद पार्टी ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी नीत सरकार को घेरने की अपनी रणनीति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर चीन की कथित घुसपैठ को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वहां पर 'चीन का आक्रमण' स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जो देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। जयराम रमेश के इन बयानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
विदेश नीति पर उठे सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केसी वेणुगोपाल ने वर्तमान भारत की विदेश नीति को 'सरेंडर पॉलिसी' करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि केंद्र सरकार चीन के सामने घुटने टेक चुकी है और इसका खामियाजा देश के छोटे और मध्यम उद्योगों यानी MSME और निर्माण क्षेत्र को भुगतना पड़ रहा है। चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि सरकारी नीतियों के चलते भारतीय बाजार प्रभावित हो रहा है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीमा विवाद एक संवेदनशील मामला है और इस पर भ्रामक दावे नहीं किए जाने चाहिए। रिजिजू ने 60 किलोमीटर तक चीनी घुसपैठ की खबरों को गलत बताते हुए कहा कि अरुणाचल की सीमा पर स्थिति ऐतिहासिक है और इसे परिप्रेक्ष्य में समझना जरूरी है।
छात्रों की गूंज और आंदोलन की तैयारी
कांग्रेस ने देश के करीब 800 शहरों में 'छात्रों की गूंज' नामक एक व्यापक कार्यक्रम चलाने की घोषणा की है। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक और गिरती शिक्षा व्यवस्था के प्रति सरकार को जवाबदेह बनाना है। केसी वेणुगोपाल ने बताया कि इस कार्यक्रम में राहुल गांधी स्वयं कई शहरों में जाकर छात्रों से संवाद करेंगे। कांग्रेस ने अपने शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे परीक्षा प्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार करें। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी ने इन मुख्यमंत्रियों से एक महीने के भीतर रिपोर्ट मांगी है। कांग्रेस का लक्ष्य है कि पेपर लीक के मुद्दों को केवल शहरों तक ही सीमित न रखकर इसे गांव और पंचायत स्तर तक ले जाया जाए।
राम मंदिर चंदा चोरी पर देशभर में प्रदर्शन
राम मंदिर निर्माण के नाम पर कथित चंदा घोटाले के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने देशव्यापी प्रदर्शन की चेतावनी दी है। पार्टी का आरोप है कि राम मंदिर जैसे आस्था के केंद्र का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए किया गया है और इसमें व्यापक भ्रष्टाचार हुआ है। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस की प्रदेश इकाइयां गांव-गांव जाकर लोगों को सच्चाई बताएंगी और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगी। पार्टी का मानना है कि जो लोग आस्था के नाम पर चंदा इकट्ठा कर रहे थे, वे अब बेनकाब हो चुके हैं।
वंदे मातरम् और परिसीमन पर रुख
वंदे मातरम् के गायन को लेकर कांग्रेस ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। केसी वेणुगोपाल ने कहा कि 15 अगस्त के कार्यक्रम में जो कुछ भी हुआ, वह केवल एक 'कम्युनिकेशन गैप' था। पार्टी इस विषय पर पूरी तरह एकजुट है और सुभाष चंद्र बोस तथा सरदार बल्लभभाई पटेल द्वारा निर्धारित परंपरा का पालन करेगी, जिसके तहत वंदे मातरम् के केवल दो पद ही गाए जाएंगे। परिसीमन के मुद्दे पर जयराम रमेश ने दोहराया कि कांग्रेस लोकसभा की वर्तमान 543 सीटों की संख्या को अगले 25 वर्षों तक सुरक्षित रखने के पक्ष में है। पार्टी का मानना है कि महिला आरक्षण भी इन्हीं सीटों के आधार पर लागू होना चाहिए।
हल्द्वानी प्रकरण और दलितों का अपमान
बैठक में उत्तराखंड के हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद मंच के कथित 'शुद्धिकरण' का मुद्दा भी प्रमुखता से छाया रहा। कांग्रेस ने इसे सीधे तौर पर संविधान और दलित समाज के प्रति बीजेपी की मानसिकता से जोड़कर देखा। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह घटना शर्मनाक है और इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश से माफी मांगनी चाहिए। यह मुद्दा आने वाले दिनों में कांग्रेस के आक्रामक अभियान का एक प्रमुख हिस्सा बना रहेगा।
निष्कर्ष
कांग्रेस ने अपनी कार्यसमिति की बैठक के माध्यम से यह संकेत दे दिया है कि आने वाले समय में वह संसद से लेकर सड़क तक सरकार को घेरने के लिए तैयार है। अरुणाचल की सीमा, पेपर लीक, चंदा चोरी और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों के जरिए पार्टी ने सरकार के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोलने का ऐलान कर दिया है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इन आरोपों का किस तरह से जवाब देती है।
https://hindi.news18.com/news/nation/china-incursion-witnessed-in-arunachal-claims-jairam-ramesh-congress-venugopal-says-surrender-policy-has-become-foreign-policy-10764854.html