अपनों से ठुकराई बुजुर्ग महिला का दर्द
फरीदाबाद में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे सुनकर किसी का भी दिल दहल जाए। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में रिश्तों की अहमियत किस तरह कम होती जा रही है, इसकी जीती-जागती मिसाल फरीदाबाद के एक वृद्धाश्रम में रह रही बुजुर्ग महिला चमन की कहानी है। जिस उम्र में बच्चों का सहारा और साथ मिलना चाहिए, उस उम्र में यह महिला अपने ही बच्चों की प्रताड़ना का शिकार होकर दर-दर भटकने को मजबूर है। फरीदाबाद के सेक्टर-10 स्थित वृद्धाश्रम में अपना दर्द बयां करते हुए चमन की आंखों से आंसू छलक पड़ते हैं।
महरौली की चमन की आपबीती
अपनी व्यथा सुनाते हुए चमन बताती हैं कि वह मूल रूप से दिल्ली के महरौली की रहने वाली हैं और उनकी उम्र 50 वर्ष है। वे पिछले सात दिनों से फरीदाबाद के इस वृद्धाश्रम में शरण लिए हुए हैं। चमन का कहना है कि उन्होंने पिछले 20 साल नोएडा में गुजारे थे, लेकिन पति की मृत्यु के बाद उनका जीवन संघर्षों और दुखों से भर गया। वे बताती हैं कि उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं। फिलहाल उनकी स्थिति इतनी दयनीय है कि उन्हें कभी बारिश की मार झेलनी पड़ी, तो कभी दिल्ली के मंदिरों में रातें काटनी पड़ीं।
बेटे पर गहने छीनने और मारपीट का आरोप
चमन ने अपने छोटे बेटे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि बेटा उनके साथ न केवल बुरी तरह मारपीट करता है, बल्कि उनके पास मौजूद कीमती सामान भी छीन लेता है। चमन के शब्दों में, उसके बेटे ने उनसे उनकी पायल और अंगूठी तक छीन ली। बेटे ने उस अंगूठी को बेचकर किराए पर कमरा ले लिया और उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। चमन ने यह भी खुलासा किया कि उनका बेटा अपनी पत्नी के साथ भी मारपीट करता है और ठीक उसी तरह उनके साथ भी हिंसा का व्यवहार करता है। घर से निकाले जाने के बाद लगभग 10 दिनों तक उनके पास रहने के लिए कोई छत नहीं थी, जिस कारण उन्हें मजबूरी में सड़कों और मंदिरों में आश्रय लेना पड़ा।
बेटी से भी नहीं मिला सहारा
बेटों की क्रूरता के अलावा चमन को अपनी बेटियों से भी कोई मदद नहीं मिली। उन्होंने बताया कि उनकी बड़ी बेटी उन्हें अपने पास रखने को तैयार नहीं है। चमन ने एक बेहद दुखद घटना का जिक्र करते हुए बताया कि जब उनके पति का निधन हुआ था, तब उनकी बड़ी बेटी ने उनके साथ शारीरिक हिंसा की थी और उन्हें लातों से मारा था। इसके अलावा, चमन का आरोप है कि उनकी बेटी ने उनके बैंक खाते से करीब 5 से 6 हजार रुपये निकाल लिए हैं और उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया है। उनका बड़ा बेटा फिलहाल जेल में बंद है, जिसे चमन एक अच्छा इंसान मानती हैं।
वृद्धाश्रम संचालिका ने जताई चिंता
फरीदाबाद सेक्टर-10 वृद्धाश्रम की संचालक अनीता मलिक ने इस मामले पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उनका कहना है कि आज के दौर में बच्चों ने शायद यह नियम बना लिया है कि वे माता-पिता को प्रताड़ित करेंगे और उन्हें घर से बाहर निकाल देंगे। अनीता मलिक ने संदेश देते हुए कहा कि जो बच्चे आज अपने बुजुर्गों के साथ ऐसा बर्ताव कर रहे हैं, उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि एक दिन उन्हें भी बुढ़ापे की दहलीज पर खड़ा होना है। तब उनके बच्चे भी उनके साथ वैसा ही व्यवहार कर सकते हैं।
फिल्मों की हकीकत बनती दुनिया
अनीता मलिक आगे कहती हैं कि पहले हम 'बागवान' जैसी फिल्मों में माता-पिता के प्रति बच्चों की क्रूरता देखते थे, जो हमें केवल मनोरंजन या एक कहानी लगती थी। लेकिन आज वही चीजें वास्तविक जीवन में घटित हो रही हैं। बुजुर्ग माता-पिता को अपने बच्चों से संपत्ति या धन नहीं, बल्कि केवल प्यार, सम्मान और सहारे की दरकार होती है। यदि बच्चों द्वारा पालने-पोसने वाली उम्र में ही अभिभावकों को दर-दर भटकने पर मजबूर किया जाए, तो उनके दर्द का अंदाजा लगाना भी नामुमकिन है। यह मामला समाज के सामने एक कड़ा सवाल छोड़ जाता है कि आखिर हम अपनी मानवीय संवेदनाएं कहां खोते जा रहे हैं।
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