सफलता की कहानी: ज़मीन से 400 मीटर नीचे खदानों में जुटीं प्रिया दीक्षित, महिलाओं की प्रेरणा बनीं

खेतड़ी के हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड कॉपर कॉम्प्लेक्स में असिस्टेंट मैनेजर (एक्सप्लोरेशन) के पद पर कार्यरत प्रिया दीक्षित ज़मीन से करीब 400 मीटर नीचे खदानों में खनिजों की जांच कर रही हैं। पुरुष-प्रधान माने जाने वाले माइनिंग सेक्टर में उन्होंने अपनी मेहनत से अलग पहचान बनाई है।

पुरुष-प्रधान क्षेत्र में महिला की मजबूत दस्तक

एक दौर ऐसा था जब खनन के क्षेत्र को पूरी तरह पुरुषों का दायरा माना जाता था और इसमें महिलाओं की हिस्सेदारी न के बराबर थी। मगर वक्त के साथ हालात बदले हैं और अब महिलाएं हर कठिन क्षेत्र में अपनी काबिलियत साबित कर रही हैं। झुंझुनूं ज़िले के खेतड़ी स्थित हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के कॉपर कॉम्प्लेक्स में कार्यरत प्रिया दीक्षित इसी बदलाव की जीती-जागती और प्रेरणादायक तस्वीर हैं। अपनी लगन और परिश्रम के दम पर उन्होंने माइनिंग सेक्टर में एक खास मुकाम हासिल किया है।

400 मीटर नीचे निभा रहीं अहम जिम्मेदारी

प्रिया दीक्षित फिलहाल असिस्टेंट मैनेजर (एक्सप्लोरेशन) के पद पर कार्यरत हैं। उनका काम बेहद जिम्मेदारी और गहरी तकनीकी समझ की मांग करता है। वे धरती की सतह से तकरीबन 400 मीटर नीचे खदानों में उतरकर अलग-अलग धातुओं की गुणवत्ता परखती हैं। इसके साथ ही खनिजों के ग्रेड का आकलन करने और खनन क्षेत्रों में मौजूद खनिज संसाधनों पर नज़र रखने का दायित्व भी उनके कंधों पर है।

शिक्षा से जुड़ा रहा पारिवारिक माहौल

प्रिया का परिवार पूरी तरह शिक्षा से जुड़ा रहा है। उनके पिता आशुतोष दीक्षित शिक्षक रहे हैं, जबकि माता अर्चना दीक्षित गृहिणी हैं। उनके परिवार में पहले कभी किसी ने माइनिंग या भू-विज्ञान के क्षेत्र में काम नहीं किया था। इसके बावजूद प्रिया ने अपनी रुचि और जिज्ञासा के बल पर एक अलग राह चुनी। पढ़ाई के दौरान उन्होंने जियोलॉजी विषय को चुना और इसी क्षेत्र में आगे बढ़ने का फैसला किया।

फील्ड वर्क ने जगाई गहरी रुचि

कॉलेज के दिनों में फील्ड वर्क के दौरान प्रिया को चट्टानों, खनिजों और खदानों को नज़दीक से देखने-समझने का मौका मिला। इसी अनुभव ने उनके मन में भू-विज्ञान और खनन के प्रति गहरी दिलचस्पी पैदा कर दी। ग्रेजुएशन पूरी करने के बाद उन्होंने जियोलॉजी में मास्टर डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान उन्हें अजमेर क्षेत्र की खदानों का अनुभव भी मिला, जिससे उनके व्यावहारिक ज्ञान में काफी इज़ाफा हुआ।

जुलाई 2024 में शुरू किया सफर

जुलाई 2024 में प्रिया ने खेतड़ी कॉपर कॉम्प्लेक्स में असिस्टेंट मैनेजर के रूप में अपनी सेवाएं शुरू कीं। शुरुआत में खदान के भीतर गहराई तक उतरकर काम करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा। खदान का माहौल, सुरक्षा से जुड़े नियम और कठिन परिस्थितियां किसी भी नए व्यक्ति के लिए मुश्किल हो सकती हैं। लेकिन समय बीतने के साथ उन्होंने खुद को इस माहौल में ढाल लिया और आज पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं।

अकेली से अब छह महिलाओं तक का सफर

प्रिया बताती हैं कि जब उन्होंने यहां काम शुरू किया था, तब इस तरह के तकनीकी और फील्ड कार्य से जुड़ी वे अकेली महिला कर्मचारी थीं। मगर अब उनके साथ पांच अन्य युवतियां भी इस क्षेत्र में काम कर रही हैं। यह बदलाव दिखाता है कि महिलाओं का रुझान अब माइनिंग सेक्टर की ओर बढ़ रहा है। संस्थान भी महिला कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने और उन्हें बेहतर अवसर देने की दिशा में प्रयास कर रहा है।

हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं महिलाएं

उत्तर प्रदेश के सीतापुर ज़िले की रहने वाली प्रिया दीक्षित का मानना है कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। चाहे सेना में देश की रक्षा करनी हो, फाइटर विमान उड़ाना हो, मेट्रो चलानी हो या किसी अन्य जिम्मेदार पद पर काम करना हो, महिलाएं हर जगह कामयाबी हासिल कर रही हैं।

प्रिया कहती हैं कि माइनिंग सेक्टर बेशक चुनौतीपूर्ण है, लेकिन अगर लड़कियां आत्मविश्वास और मेहनत के साथ आगे बढ़ें तो इस क्षेत्र में भी शानदार करियर बना सकती हैं।

https://hindi.news18.com/photogallery/rajasthan/sikar-success-story-handling-responsibilities-400-meters-underground-priya-dixit-sets-an-example-for-women-local18-ws-l-10544785.html