खरीफ सीजन में आलू की खेती से होगी बंपर कमाई, पहाड़ी किसान इन खास सुझावों का करें पालन

कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, खरीफ की फसल के दौरान आलू की बुवाई करते समय जल निकासी और सही बीज तकनीक पर ध्यान देना सबसे जरूरी है ताकि फसल सुरक्षित रहे।

पहाड़ी क्षेत्रों में आलू की खेती के लिए जरूरी टिप्स

आलू की खेती वैसे तो पूरे साल की जा सकती है, लेकिन खरीफ के मौसम में इसके उत्पादन के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। कृषि विशेषज्ञ संजय यादव का कहना है कि अगर किसान सही प्रबंधन करें, तो वे इस दौरान अपनी आय में इजाफा कर सकते हैं। विशेष रूप से पहाड़ी इलाकों में आलू की खेती के लिए जमीन का चयन करते समय काफी सतर्क रहना पड़ता है।

सही जमीन और जल निकासी का महत्व

विशेषज्ञ के अनुसार, खरीफ सीजन में केवल ऐसी जमीन का चुनाव करें जहां ढलान हो और पानी की निकासी की व्यवस्था उत्तम हो। बारिश के मौसम में खेतों में पानी का जमाव होना आलू की फसल के लिए सबसे बड़ा खतरा है। यदि खेत में पानी भरा रह गया, तो आलू के कंद गलकर सड़ सकते हैं, जिससे किसान को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

बीज लगाने की सही तकनीक

बुवाई के तरीके को लेकर भी विशेषज्ञ ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। पहाड़ी क्षेत्रों में खरीफ के दौरान आलू के बीज को काटकर नहीं, बल्कि पूरा कंद लगाने की सलाह दी जाती है। यह प्रक्रिया मैदानी या बलुई-कछारी क्षेत्रों से बिल्कुल अलग है, जहां आमतौर पर सर्दियों के मौसम में बीज को काटकर लगाया जाता है। इन तकनीकी बारीकियों को अपनाकर किसान अपनी फसल को सुरक्षित रख सकते हैं और बेहतर पैदावार प्राप्त कर सकते हैं।

https://hindi.news18.com/videos/agriculture/kharif-potato-cultivation-agricultural-expert-sanjay-yadav-gives-important-suggestions-local18-10752894.html