आसमान में टकराने से बाल-बाल बचे दो विमान, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा

अमेरिका के फीनिक्स एयरपोर्ट पर एक तकनीकी चूक के कारण दो यात्री विमान आपस में टकराने के बेहद करीब पहुंच गए थे, लेकिन एटीसी की तत्परता ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचा ली।

आसमान में टला बड़ा हादसा

अमेरिका के फीनिक्स स्काई हार्बर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने विमानन जगत में हड़कंप मचा दिया है। एयरपोर्ट के पास हुई एक गंभीर मानवीय चूक के चलते दो यात्री विमान हवा में आमने-सामने आ गए थे। यदि उस समय एयर ट्रैफिक कंट्रोलर ने अपनी सूझबूझ का परिचय न दिया होता, तो सैकड़ों लोगों की जान जा सकती थी। आधी रात को हुए इस घटनाक्रम ने विमानन सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फीनिक्स एयरपोर्ट पर कैसे हुई गड़बड़ी

यह चौंकाने वाली घटना शुक्रवार की आधी रात के बाद हुई। मुख्य समस्या का जड़ एक ही फ्लाइट नंबर का दो अलग-अलग जहाजों को आवंटित किया जाना था। अमेरिकन एयरलाइंस के दो विमानों को गलती से एक ही कॉल साइन ‘फ्लाइट 2482’ दिया गया था। दरअसल, शिकागो से फीनिक्स आ रही एक उड़ान खराब मौसम के कारण काफी देरी से चल रही थी। इसके चलते एयरपोर्ट प्रबंधन ने फीनिक्स से आगे जाने वाले यात्रियों के लिए दूसरे विमान की व्यवस्था की, लेकिन इस दौरान दोनों जहाजों को अनजाने में एक ही फ्लाइट नंबर ‘अमेरिकन 82’ या ‘फ्लाइट 2482’ का लेबल मिल गया।

हवा में आमने-सामने आए दो विमान

आधी रात का समय था, जब शिकागो से आ रहा विमान लैंडिंग के लिए नीचे उतर रहा था, जबकि फीनिक्स से उड़ान भरने वाला दूसरा विमान टेकऑफ के बाद आसमान की ऊंचाई छू रहा था। एक ही फ्लाइट नंबर होने के कारण जब कंट्रोल रूम से रेडियो पर निर्देश दिए जाते, तो दोनों विमानों के पायलट भ्रमित हो जाते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि वे निर्देश उनके लिए ही हैं। इसी तकनीकी उलझन की वजह से दोनों विमान एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए और स्थिति भयावह हो गई। दोनों विमान एक ही एयरलाइन के थे, जिससे भ्रम की स्थिति और अधिक गंभीर हो गई थी।

एटीसी की सूझबूझ से टली बड़ी त्रासदी

जब एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (ATC) को अहसास हुआ कि एक ही कॉल साइन वाली दो उड़ानें एक ही समय पर एक ही दिशा में आमने-सामने आ गई हैं, तो उन्होंने तुरंत मोर्चा संभाला। किसी भी अनहोनी को टालने के लिए कंट्रोलर ने बिना समय गंवाए रेडियो पर दोनों पायलटों को अलग-अलग नाम से संबोधित करना शुरू किया। उन्होंने एक को ‘अमेरिकन 2482 अराइवल’ और दूसरे को ‘अमेरिकन 2482 डिपार्चर’ का नाम दिया। कंट्रोलर ने आने वाले विमान को नीचे उतरने के बजाय ऊपर रहने और जाने वाले विमान को ऊंचाई न बढ़ाने का स्पष्ट आदेश दिया।

पायलट और कंट्रोलर के बीच हुई बातचीत

दोनों विमानों के सुरक्षित रूप से एक-दूसरे के पास से गुजर जाने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। स्थिति को संभलता देख पायलट ने कंट्रोलर का आभार व्यक्त करते हुए कहा, 'नाइस वर्क'। इसके जवाब में कंट्रोलर ने बेहद ईमानदारी से अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा, 'यह बहुत भयावह हो सकता था, लेकिन मुझे खुशी है कि सब कुछ ठीक रहा'। कंट्रोलर ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने अपने पूरे करियर में आज तक कभी नहीं देखा था कि एक ही कॉल साइन के साथ दो विमान इस तरह खतरनाक स्थिति में एक-दूसरे के आमने-सामने आ गए हों।

सिस्टम की लापरवाही पर उठे सवाल

इस घटना के बाद अब यह सवाल जोर पकड़ रहा है कि एयरलाइन के ग्राउंड सिस्टम में इतनी बड़ी और जानलेवा गलती कैसे हुई? यह महज एक कागजी भूल नहीं थी, बल्कि सैकड़ों यात्रियों की सुरक्षा का सवाल था। यदि कंट्रोलर ने चंद सेकंड की देरी कर दी होती, तो पायलट गलत निर्देशों का पालन करते हुए आपस में टकरा सकते थे। फिलहाल अमेरिकन एयरलाइंस और नागरिक उड्डयन विभाग इस पूरे मामले की गहन जांच कर रहे हैं। इस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि यह गड़बड़ी कहां हुई ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा लापरवाही को दोबारा होने से रोका जा सके।

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