पुलिस जांच और नीलम गोर्हे का दौरा
नागपुर में एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को फर्जी इंस्टाग्राम आईडी और ऑनलाइन गेम के माध्यम से दोस्ती के जाल में फंसाकर बंधक बनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस गंभीर घटना की जांच की वर्तमान स्थिति जानने और पुलिसिया कार्रवाई की समीक्षा के लिए महाराष्ट्र विधान परिषद की पूर्व उपसभापति और एमएलसी नीलम गोर्हे रविवार को नागपुर के हुड़केश्वर पुलिस थाने पहुंचीं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को अत्यंत चिंताजनक बताते हुए दोषी के खिलाफ कठोरतम सजा सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह के दरिंदे को फांसी की सजा दी जानी चाहिए।
गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता के परिजनों द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद हुड़केश्वर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए छापेमारी की। पुलिस ने एक बंद कमरे का दरवाजा तोड़कर नाबालिग को सुरक्षित मुक्त कराया। मौके पर ही आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। आरोपी मूल रूप से ठाणे, मुंबई का निवासी है। उसके खिलाफ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट की अत्यंत सख्त धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
करीब 30 घंटे तक रही बंधक
पुलिस जांच में यह बात निकलकर सामने आई है कि वह नाबालिग लड़की आरोपी के चंगुल में करीब 30 घंटे तक रही। इस दौरान आरोपी ने उसे न केवल बंधक बनाकर रखा, बल्कि उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया। पीड़िता के शरीर पर मारपीट के कई निशान और गंभीर चोटें पाई गई हैं। तलाशी के दौरान आरोपी के बैग से पुलिस को चाकू और कैंची समेत कई आपत्तिजनक और संदिग्ध सामान बरामद हुए हैं।
साइबर क्राइम के गहरे कनेक्शन की आशंका
हुड़केश्वर थाने में पुलिस अधिकारियों से मुलाकात के बाद नीलम गोर्हे ने मीडिया के समक्ष घटना की भयावहता साझा की। उन्होंने बताया कि आरोपी ने लड़की को अगवा किया था और उस पर दुष्कर्म का प्रयास भी किया गया। गोर्हे ने आरोप लगाया कि आरोपी ने लड़की और उसके परिवार को अलग-अलग तरीके से धमकियां दीं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि आरोपी के पास कई आपत्तिजनक वीडियो होने की आशंका है। इसके अतिरिक्त, आरोपी ने परिवार के मोबाइल फोन को हैक कर बातचीत करने का भी प्रयास किया, जिसे देखते हुए इस पूरे मामले की साइबर क्राइम एंगल से गहन जांच अत्यंत आवश्यक है।
जांच का दायरा बढ़ाने की मांग
नीलम गोर्हे ने जोर देकर कहा कि साइबर अपराधों की जांच में समय लगता है, लेकिन पुलिस को हर हाल में तकनीकी और कानूनी सबूतों को तेजी से जुटाना चाहिए। उन्होंने पुलिस से यह पता लगाने का आग्रह किया कि क्या आरोपी इस वारदात में अकेला था या उसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क का हाथ है। इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि आरोपी अन्य शहरों में भी इसी प्रकार की घटनाओं में शामिल हो सकता है। अंत में, उन्होंने शासन और प्रशासन से उम्मीद जताई कि आरोपी को कानून के तहत सख्त सजा दी जाएगी, ताकि समाज में कड़ा संदेश जाए और दोषी को फांसी के फंदे तक पहुंचाया जा सके।
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