ज्योति मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, जमानत याचिका खारिज; ISI के लिए जासूसी का आरोप

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को संवेदनशील जानकारी देने के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में कोई समझौता नहीं हो सकता।

ट्रैवल व्लॉगर और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को सर्वोच्च अदालत से बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को संवेदनशील जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार ज्योति की जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने यह आदेश सुनाया।

अपने फैसले में अदालत ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह का समझौता संभव नहीं है। पीठ ने टिप्पणी की कि ज्योति मल्होत्रा पर लगे आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं और इस स्थिति में उन्हें राहत देने का कोई आधार नहीं बनता।

'एक साल से जेल में होना अभी राहत का आधार नहीं'

कोर्ट ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर ज्योति की यह दलील कि वह एक साल से अधिक समय से जेल में बंद हैं, फिलहाल मददगार साबित नहीं होगी। अदालत के अनुसार, उनके बचाव पक्ष की दलीलों पर मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही विचार किया जाएगा।

क्या है पूरा मामला

हरियाणा के हिसार की रहने वाली ज्योति मल्होत्रा 'ट्रैवल विद जो' नाम से यूट्यूब चैनल संचालित करती थीं। उन पर आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तान हाई कमीशन में तैनात एक अधिकारी से संपर्क बनाया था। इसी अधिकारी के कहने पर उन्होंने जासूसी से जुड़ी गतिविधियों को अंजाम दिया और बाद में पाकिस्तान की यात्रा भी की।

जांच एजेंसियों का दावा है कि ज्योति ने कई रणनीतिक स्थानों के वीडियो और तस्वीरें आईएसआई के साथ साझा कीं, जिन्हें बाद में उन्होंने डिलीट भी कर दिया। पुलिस को उनके बैंक लेन-देन में भी संदिग्ध गतिविधियां मिली हैं। हरियाणा पुलिस ने उनके खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 152 के तहत मामला दर्ज किया है, जो देश की संप्रभुता और अखंडता को खतरे में डालने से संबंधित है।

हाईकोर्ट से भी नहीं मिली थी राहत

इससे पहले निचली अदालत के साथ-साथ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट भी ज्योति मल्होत्रा को जमानत देने से इनकार कर चुके हैं। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि उनके खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। हाईकोर्ट के इसी फैसले को चुनौती देने के लिए ज्योति ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जहां उन्हें निराशा ही हाथ लगी।

'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत हुई थी गिरफ्तारी

ज्योति मल्होत्रा की गिरफ्तारी 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत हुई थी, जो पाकिस्तानी जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश करने के मकसद से चलाया गया एक अभियान था। फिलहाल ज्योति न्यायिक हिरासत में हैं और उनके खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही आगे बढ़ेगी।

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