राष्ट्रपति भवन में बस्तर की अनूठी झलक
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आज का दिन बेहद खास रहा, जब वहां छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में बस्तर के 209 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन पहुंचकर सभी का मन मोह लिया। यह पहला अवसर था जब बस्तर की जनजातीय वेशभूषा और लोक-कलाओं का इतना व्यापक प्रदर्शन राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास पर हुआ।
राष्ट्रपति का आत्मीय स्वागत
इस मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बेहद आत्मीयता का परिचय दिया। उन्होंने न केवल प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों से मुलाकात की, बल्कि स्वयं अपने हाथों से सभी मेहमानों को भोजन भी परोसा। राष्ट्रपति का यह व्यवहार वहां मौजूद सभी लोगों के लिए यादगार पल बन गया। चर्चा के दौरान राष्ट्रपति ने बस्तर की परंपराओं में गहरी रुचि दिखाई और भविष्य में बस्तर दशहरा तथा बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में शामिल होने की अपनी इच्छा भी जाहिर की।
झिटकू-मिटकी कलाकृति की भेंट
मुलाकात के दौरान छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को विशेष सम्मान दिया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति को 300 साल पुरानी पारंपरिक झिटकू-मिटकी कलाकृति उपहार स्वरूप भेंट की। बस्तर की इस प्राचीन कला को देख राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू काफी प्रभावित और अभिभूत नजर आईं। इस आयोजन ने बस्तर की जनजातीय पहचान को राष्ट्रीय पटल पर एक नई गरिमा प्रदान की है।
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