झारखंड के 19 जिलों में सक्रिय हुआ मानसून
झारखंड में मानसून पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है, जिसके परिणामस्वरूप राज्य के अधिकतर हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने गहरे निम्न दबाव के क्षेत्र का असर राज्य की जलवायु पर पड़ रहा है। इसके प्रभाव से झारखंड के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की जा सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी प्रबल आशंका है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के 19 जिलों को लेकर अलर्ट जारी किया है, जिसमें लोगों को गरज-चमक के साथ-साथ तेज हवाओं और वज्रपात से सचेत रहने को कहा गया है।
इन जिलों में दिखेगा बारिश का असर
राज्य के जिन प्रमुख जिलों में आज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, बोकारो, धनबाद और रामगढ़ शामिल हैं। इनके अलावा हजारीबाग, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज, पाकुड़ और गोड्डा में भी बारिश की पूरी संभावना है। साथ ही पश्चिम सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में भी रुक-रुक कर बारिश हो सकती है। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनी है, वहां निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
आंधी-तूफान और तेज हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बोकारो, धनबाद, रामगढ़, गिरिडीह, रांची और पूर्वी सिंहभूम के इलाकों में हवा की रफ्तार काफी तेज रह सकती है। यहां आंधी के दौरान हवा की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है। इन जिलों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से किसानों को खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने के लिए निर्देशित किया गया है, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
वज्रपात का खतरा और सुरक्षा उपाय
रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा, साहिबगंज और पाकुड़ जैसे जिलों में गरज के साथ बिजली गिरने यानी वज्रपात का जोखिम अधिक है। मौसम विभाग ने खुले मैदान में कार्य करने वाले व्यक्तियों और किसानों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित आश्रय ढूंढने की अपील की है।
मौसम और वायु गुणवत्ता
बारिश के चलते रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, पश्चिम सिंहभूम और पूर्वी सिंहभूम का तापमान सामान्य से नीचे रहने की उम्मीद है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी और मौसम सुहावना बना रहेगा। इसके अलावा वायु गुणवत्ता यानी AQI भी इन जिलों में संतोषजनक रहने की संभावना है, क्योंकि बारिश से हवा में मौजूद प्रदूषण और धूल के कण कम हो जाएंगे।
बीते दिन का हाल
बीते 29 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में मानसून का असर देखने को मिला था। रांची, बोकारो, धनबाद, रामगढ़, हजारीबाग, पश्चिम सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, देवघर और दुमका सहित आसपास के क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश दर्ज की गई थी। उस दौरान भी आकाश में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ीं।
IMD द्वारा जारी सुरक्षा निर्देश
मौसम विभाग ने आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए कुछ आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है:
- गरज-चमक की स्थिति में किसी भी ऊंचे पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे शरण न लें।
- खुले मैदानों, तालाबों, नदियों और जलाशयों के किनारे जाने से परहेज करें।
- यदि मौसम खराब हो, तो यात्रा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें और सुरक्षित स्थानों का चयन करें।
- किसानों को सलाह दी जाती है कि वे खेतों में काम करते समय मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर निरंतर नजर रखें।
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