उत्तर प्रदेश के टोल प्लाजा पर हंगामा, केंद्रीय मंत्री का नाम लेने के बाद भी भाजपा नेताओं की नहीं हुई सुनवाई

मध्य प्रदेश के छतरपुर के भाजपा नेताओं और उत्तर प्रदेश के लुहारी टोल प्लाजा के कर्मचारियों के बीच टोल टैक्स को लेकर तीखी बहस हुई। नेताओं ने केंद्रीय मंत्री के नाम का हवाला दिया, लेकिन कर्मचारियों ने नियम का हवाला देते हुए वाहन को नहीं छोड़ा।

टोल प्लाजा पर जमकर हुआ विवाद

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से सामने आई एक घटना ने इन दिनों खासी चर्चा बटोर ली है। मामला उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित झांसी-खजुराहो फोर लेन मार्ग के लुहारी टोल प्लाजा का है, जहां भारतीय जनता पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं और टोल कर्मचारियों के बीच टोल शुल्क भुगतान को लेकर जबरदस्त बहस देखने को मिली। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भाजपा नेता टोल कर्मियों से उलझते हुए दिखाई दे रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री के नाम का दिया हवाला

विवाद की शुरुआत तब हुई जब भाजपा नेताओं की गाड़ी टोल प्लाजा पर पहुंची। नेताओं का तर्क था कि इसी वाहन का उपयोग केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार खटीक को झांसी रेलवे स्टेशन छोड़ने के लिए किया गया था। उनका कहना था कि चूंकि गाड़ी का संबंध केंद्रीय मंत्री की यात्रा से रहा है, इसलिए उन्हें टोल टैक्स से छूट मिलनी चाहिए। इस बात को मनवाने के लिए उन्होंने मौके पर ही कई वरिष्ठ भाजपा नेताओं और प्रशासन के अधिकारियों को फोन भी मिलाए। वीडियो में देखा जा सकता है कि सांसद के पूर्व प्रतिनिधि संजू बरसैंया समेत कई अन्य भाजपा पदाधिकारी टोल कर्मियों पर अपना प्रभाव जमाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं।

नियमों पर अड़े रहे टोल कर्मचारी

एक तरफ जहां नेता केंद्रीय मंत्री का नाम लेकर टोल से छूट पाने की कोशिश कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ टोल प्लाजा के कर्मचारी अपनी कार्यप्रणाली और नियमों पर अडिग रहे। कर्मचारियों का साफ कहना था कि वे सरकारी दिशानिर्देशों और निर्धारित नियमों से बंधे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना टोल शुल्क का भुगतान किए किसी भी स्थिति में वाहन को आगे नहीं जाने दिया जा सकता। नेताओं द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को फोन करने के बावजूद टोल स्टाफ ने अपनी बात से पीछे हटने से इनकार कर दिया, जिससे तनाव और बढ़ गया।

हवा निकालने की बात से बढ़ा माहौल

विवाद के दौरान स्थिति तब और अधिक तनावपूर्ण हो गई जब यह बात सामने आई कि टोल कर्मियों ने वाहन को आगे बढ़ने से रोकने के लिए उसकी हवा निकाल दी है। इस घटनाक्रम ने हंगामे को और गर्मा दिया। वीडियो में भाजपा नेता अप्पू राजा सोनी को भी देखा जा सकता है, जो लगातार फोन पर बात करते हुए मामले को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। संजू बरसैंया और उनके साथ मौजूद अन्य लोग लगातार कर्मचारियों पर दबाव बना रहे थे, लेकिन कर्मचारियों ने विनम्रता और सख्ती के साथ नियम पालन करने की अपनी बात दोहराई।

फिलहाल कोई आधिकारिक कार्रवाई नहीं

काफी देर तक चले इस ड्रामे के बाद आखिरकार स्थिति सामान्य हुई और यातायात को बहाल किया गया। हालांकि इस पूरे मामले ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। अभी तक इस घटना के संदर्भ में टोल प्रबंधन, जिला प्रशासन या संबंधित भाजपा नेताओं की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस विवाद के बाद किसी भी पक्ष की ओर से अब तक कोई पुलिस शिकायत या FIR दर्ज नहीं कराई गई है। मामले की वीडियो फुटेज वायरल होने के बाद स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गलियारों में इस घटना की खूब चर्चा हो रही है।

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