पेपर लीक रोकने के लिए सरकार का कड़ा रुख
देश में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता को बनाए रखने और पेपर लीक की घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगाने के मकसद से मोदी सरकार आज संसद में 'पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल' पेश करने जा रही है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह लोकसभा में इस महत्वपूर्ण विधेयक को रखेंगे। इस बिल का प्राथमिक उद्देश्य परीक्षाओं की प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को अत्यधिक मजबूत करना है।
नया प्रस्तावित कानून पेपर लीक में शामिल माफियाओं के खिलाफ बेहद कठोर होगा। इस विधेयक के कानून का रूप लेने के बाद, पेपर लीक करने वाले किसी भी व्यक्ति को 10 साल तक की जेल की सजा भुगतनी पड़ सकती है। इसके अतिरिक्त उन पर 10 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। कानून में सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के लिए भी कड़े नियम बनाए गए हैं। यदि कोई परीक्षा सेवा प्रदाता कंपनी दोषी पाई जाती है, तो उसे 8 साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। साथ ही, कंपनी के डायरेक्टर या मैनेजर के दोषी पाए जाने पर उन्हें भी 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये के जुर्माने का सामना करना पड़ेगा। इसके अलावा, यदि कोई कोचिंग संस्थान इस प्रकार की गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है, तो उसकी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
हाई पावर टास्क फोर्स का गठन
संसद में कड़े कानून की तैयारी के साथ ही सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी सुधार की पहल की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक वीडियो संदेश के माध्यम से हाई पावर टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है। नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में 6 सदस्यों की यह कमेटी गठित की गई है। यह विशेषज्ञ समिति सरकार को परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देगी और पेपर लीक रोकने के कारगर तरीके सुझाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने मामले की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का भी प्रबंध किया है। यह कमेटी मुख्य रूप से इस बात पर जोर देगी कि किस प्रकार आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करके परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जा सकता है।
विपक्ष की घेराबंदी और रणनीति
एक तरफ जहां सरकार इस बिल के जरिए सख्त कदम उठाने जा रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि, नए विधेयक पर विपक्षी दलों का अंतिम रुख क्या होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। आज सुबह संसद भवन में मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में INDIA ब्लॉक के नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक निर्धारित है। इस बैठक में विपक्षी दल एंटी-पेपर लीक कानून में संशोधनों को लेकर अपनी साझा रणनीति तैयार करेंगे। इसी मंथन के बाद यह तय होगा कि सदन के भीतर विपक्ष का इस बिल के प्रति क्या रुख रहेगा।
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