बच्चों को बुखार आने पर तुरंत एंटीबायोटिक देना हो सकता है खतरनाक, डॉक्टर से समझें सही तरीका

बारिश के मौसम में बच्चों को बुखार आने पर बिना सलाह एंटीबायोटिक देना सेहत के लिए जोखिम भरा हो सकता है। बाल रोग विशेषज्ञ ने बताया कि ज्यादातर संक्रमण वायरल होते हैं जिन पर ये दवाएं बेअसर रहती हैं।

वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण में अंतर

बारिश का मौसम आते ही बच्चों में बुखार और संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं। ऐसे में अभिभावक अक्सर घबराकर बच्चों को तुरंत एंटीबायोटिक दवाएं देना शुरू कर देते हैं। बाल रोग विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत बच्चों की सेहत के लिए घातक साबित हो सकती है। असल में इस मौसम में होने वाले करीब 80% संक्रमण वायरल होते हैं, जिन पर एंटीबायोटिक का कोई असर नहीं होता है। इसलिए माता-पिता को यह समझना चाहिए कि कब बच्चे को एंटीबायोटिक की जरूरत है और कब केवल सही देखभाल से काम चल सकता है।

डॉक्टर की राय और लक्षण

फरीदाबाद की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. पूजा खन्ना के अनुसार, वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण के लक्षण अक्सर एक जैसे नजर आते हैं, इसलिए केवल बुखार देखकर दवा का निर्णय लेना गलत है। यदि बच्चे को खांसी के साथ आंखों से पानी आना, शरीर में दर्द, दस्त होना या एक साथ कई तरह के लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो यह वायरल संक्रमण की ओर इशारा करता है। वहीं, बैक्टीरियल संक्रमण वायरल की तरह आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक का सेवन करने से बच्चे के शरीर में इसके प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो सकती है, जो भविष्य में नुकसानदेह होती है।

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