नवादा में आकाशीय बिजली का कहर: धान की रोपाई के दौरान 3 किसान और 1 बच्चे की मौत

बिहार के नवादा जिले में खेत में काम करते समय वज्रपात होने से 4 लोगों की जान चली गई, जबकि 2 महिलाएं बुरी तरह झुलस गई हैं।

सांगोवर गांव में मातम का माहौल

बिहार के नवादा जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जिले के नारदीगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सांगोवर गांव में शुक्रवार को आकाशीय बिजली गिरने से 4 लोगों की मौत हो गई है। मरने वालों में 3 किसान और एक 10 साल का मासूम बच्चा शामिल है। इस प्राकृतिक आपदा में 2 महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गई हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।

खेत में काम के दौरान हुआ हादसा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सांगोवर गांव के बहियार में कई किसान और ग्रामीण धान की रोपाई करने में व्यस्त थे। दोपहर के समय अचानक मौसम का मिजाज बदला और आसमान में काले बादल छा गए। देखते ही देखते तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हो गई। अभी लोग खेत से सुरक्षित स्थान की ओर जाने की सोच ही रहे थे कि तभी कड़कड़ाती हुई आकाशीय बिजली सीधे खेतों के बीच आ गिरी। बिजली गिरने की तीव्रता इतनी अधिक थी कि 3 किसान और 10 साल के बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय आसपास काम कर रहीं 2 महिलाएं भी बिजली की चपेट में आ गईं, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गईं।

स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हैं घायल

बिजली गिरने की तेज आवाज और चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे अन्य ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना देरी किए घायलों और पीड़ितों को नारदीगंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद 4 लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, झुलसी हुई दोनों महिलाओं का इलाज अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और आगे की आवश्यक कार्रवाई शुरू की। आपदा राहत प्रक्रिया के तहत प्रशासन पीड़ितों की सहायता में जुट गया है।

प्रशासन की ओर से सावधानी बरतने की अपील

मौसम विज्ञान केंद्र यानी IMD पटना ने पहले ही नवादा सहित दक्षिण-बिहार के कई जिलों में वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया था। प्रशासन की ओर से अब फिर से किसानों और आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम खराब होने पर विशेष सावधानी बरतें। प्रशासन ने सुझाव दिया है कि मेघ गर्जन या तेज बारिश शुरू होते ही खुले खेतों में काम करना तुरंत बंद कर दें और सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं। इसके अलावा, बारिश के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या लोहे के ढांचे के आसपास बिल्कुल न रुकें। सुरक्षित और पक्के मकानों में शरण लेना ही ऐसे समय में जान बचाने का सबसे प्रभावी तरीका है। गांव में एक साथ हुई मौतों से सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई इस त्रासदी से स्तब्ध है।

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