अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव, तेहरान के मिसाइल हमलों से कुवैत में मचा हड़कंप

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर वर्चस्व को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग भीषण रूप लेती जा रही है, जिसमें दोनों देशों के इंफ्रास्ट्रक्चर और सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा है।

तेहरान और वॉशिंगटन के बीच युद्ध का दायरा बढ़ा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अधिकार को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा गतिरोध शनिवार को और अधिक विस्फोटक हो गया। दोनों देशों ने एक दूसरे के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर भीषण हमले जारी रखे हैं। जिस प्रकार से दोनों मुल्क एक दूसरे की सैन्य संपत्तियों को नष्ट करने पर आमादा हैं, उससे फिलहाल क्षेत्र में शांति की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, लगातार सातवीं रात को किए गए हमलों में निगरानी चौकियों, सैन्य साजो-सामान के बुनियादी ढांचे, भूमिगत हथियारों के गोदामों और समुद्री क्षमताओं को निशाना बनाया गया है।

कुवैत के डिसैलिनेशन प्लांट पर ईरानी मिसाइल हमला

शनिवार को कुवैत ने दावा किया कि उसने ईरानी मिसाइलों और ड्रोन के हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया है। हालांकि, इस दौरान पानी को मीठा बनाने वाले एक प्रमुख डिसैलिनेशन प्लांट पर हमला हुआ, जिससे भीषण आग लग गई। यह वही संयंत्र है जिससे कुवैत अपनी पीने के पानी की जरूरतों का 90 प्रतिशत हिस्सा पूरा करता है। पिछले दो दिनों में यह इस तरह का दूसरा हमला था। सुरक्षा के कड़े इंतजामों को देखते हुए कुवैत ने अपने हवाई क्षेत्र को कुछ समय के लिए बंद कर दिया और कुवैत एयरवेज की कई उड़ानों को रीशेड्यूल करना पड़ा। इस तनाव के बीच पड़ोसी मुल्कों पर भी असर पड़ा है। इराक ने इरबिल शहर के ऊपर ईरानी ड्रोन मार गिराए, जबकि जॉर्डन ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम का उपयोग करके मिसाइलों को नष्ट कर दिया।

इरबिल और जॉर्डन में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय

क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति लगातार बिगड़ रही है। इराक के इरबिल शहर के ऊपर ड्रोन देखे जाने के बाद उन्हें मार गिराया गया। जॉर्डन की सरकारी समाचार एजेंसी पेट्रा ने पुष्टि की कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने कई ईरानी मिसाइलों को मार गिराने में सफलता हासिल की है। वहीं, बहरीन में भी हवाई हमले के सायरन बजने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ईरानी अधिकारियों का दावा है कि हालिया अमेरिकी हवाई हमलों में ईरान के भीतर दर्जनों लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों नागरिक घायल हुए हैं। दूसरी ओर, अमेरिकी सेना ने भी स्वीकार किया है कि उनके कई और सैनिक इस संघर्ष में घायल हुए हैं।

दोनों पक्षों को हो रहा भारी नुकसान

ईरानी अधिकारियों के आंकड़ों के मुताबिक, ताजा अमेरिकी हमलों में 46 लोगों की जान गई है और 400 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, शुक्रवार को एक पुल को निशाना बनाकर किए गए हमले में 8 लोगों की मौत हो गई थी। अमेरिका की तरफ से जारी जानकारी के अनुसार, सोमवार से लेकर अब तक 13 अतिरिक्त अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें थलसेना के 10 और नौसेना के 3 जवान शामिल हैं। इस युद्ध के शुरू होने से अब तक कुल 14 अमेरिकी सैनिकों की मृत्यु हो चुकी है और 427 सैनिक घायल हुए हैं। अमेरिका ने ईरान के कई नए इलाकों में हवाई हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन की तरफ मिसाइल और ड्रोन दागे हैं।

पुल और बिजली घर बने लक्ष्य

युद्ध की शुरुआत से पहले अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत चल रही थी, जो अब पूरी तरह से ठप है। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप पर इस युद्ध को समाप्त करने और पश्चिम एशिया के लंबे संघर्ष से पीछे हटने का घरेलू राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है। ईरान के दक्षिणी होर्मोज़गान प्रांत में कई पुलों को अमेरिकी हवाई हमलों में नष्ट कर दिया गया है। ईरानी मीडिया का कहना है कि इन हमलों का मुख्य उद्देश्य बंदर अब्बास बंदरगाह को देश के मध्य हिस्सों और तेहरान से जोड़ने वाले सड़क एवं रेल नेटवर्क को पूरी तरह बाधित करना है। इसके अतिरिक्त, ईरान ने पहली बार आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि अमेरिकी हमलों में उनके बिजली घरों को काफी नुकसान पहुंचा है। ऊर्जा मंत्रालय ने दक्षिणी प्रांतों के नागरिकों से बिजली बचाने की अपील की है, हालांकि मंत्रालय ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन से विशिष्ट प्रतिष्ठान प्रभावित हुए हैं।

होर्मुज संकट से वैश्विक तेल बाजार प्रभावित

इस संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही बाधित होने से वैश्विक तेल बाजार पर गहरा असर पड़ा है। शुक्रवार को क्रूड ऑयल की कीमत 86 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के स्तर के ऊपर पहुंच गई। साथ ही, इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या तीन सप्ताह के न्यूनतम स्तर तक आ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि ईरान के मामले में हम एक बड़ी सफलता की ओर बढ़ रहे हैं और इसके नतीजे जल्द ही दुनिया के सामने होंगे।

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