खेती के क्षेत्र में नई क्रांति की मिसाल
भारत में आज भी कृषि को जीविकोपार्जन का सबसे सशक्त माध्यम माना जाता है। समय की मांग के साथ खेती के तौर तरीकों में बदलाव आया है, जिसका परिणाम यह है कि अब किसान पारंपरिक फसलों के अलावा नकदी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं। बिहार के पटना जिले के पुनपुन प्रखंड अंतर्गत आने वाले पोठही गांव के निवासी अंजनी कुमार सिन्हा ने कुछ ऐसा ही रास्ता चुना है। 13 देशों में पेशेवर जीवन बिताने के बाद अपने पैतृक गांव लौटे अंजनी कुमार सिन्हा ने आज खेती को ही अपना करियर बना लिया है। उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों का इस्तेमाल करके अपनी एक एकड़ जमीन को मुनाफे का जरिया बना दिया है।
13 देशों का सफर और खेती की शुरुआत
अंजनी कुमार सिन्हा की यात्रा प्रेरणादायक है। 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने आईटीआई का कोर्स पूरा किया। इसके बाद उन्हें एक निजी कंपनी में निर्माण कार्य के क्षेत्र में नौकरी मिली। इस काम में जैसे जैसे अनुभव बढ़ता गया, वैसे-वैसे उन्हें विदेश में काम करने के अवसर मिलने लगे। अपने पेशेवर करियर के दौरान उन्होंने दुनिया के 13 देशों में निर्माण कार्य संपन्न किया। उनके विदेश प्रवास का अंतिम पड़ाव इजरायल रहा, जहां उन्होंने पांच वर्ष तक कार्य किया। जब उनका वीजा समाप्त हुआ, तो वे अपने वतन वापस आ गए। गांव लौटने पर खाली समय बिताना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था, जिसके बाद उन्होंने कृषि के क्षेत्र में कदम रखने का मन बनाया और आधुनिक खेती की शुरुआत की।
एक एकड़ में फली मेहनत
अंजनी सिन्हा ने अपनी एक एकड़ जमीन पर विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियों का रोपण किया। उन्होंने अपनी कृषि योजना को विविधतापूर्ण बनाया है। उनके खेत में वर्तमान में 400 अमरूद के पौधे, 55 कटहल के पेड़ और 50 केले के पौधे लगे हुए हैं। इसके अतिरिक्त, वे सब्जियों की भी खेती कर रहे हैं, जिसमें भिंडी की फसल प्रमुख है। उन्होंने करीब दो से तीन साल पहले इस खेती की आधारशिला रखी थी। कुछ समय पूर्व ही उन्होंने अपने अमरूद के बाग से पहली तुड़ाई की है। पहली ही फसल से उन्हें जो बेहतर उपज प्राप्त हुई है, उसने उनका मनोबल और अधिक बढ़ा दिया है। अब वे इस बात को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं कि सही तकनीक और मेहनत से खेती को भी एक बेहद लाभदायक व्यवसाय में बदला जा सकता है।
दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा
अंजनी कुमार सिन्हा की इस सफलता का असर आसपास के क्षेत्रों में भी देखने को मिल रहा है। उनकी मेहनत और तकनीक को देखकर गांव के अन्य किसान भी प्रभावित हो रहे हैं। वे लगातार नई तकनीकों को सीखने और उन्हें खेतों में उतारने के प्रयास में लगे रहते हैं। अब उनके गांव के अन्य किसान भी उनसे मार्गदर्शन लेकर फल और सब्जियों की खेती करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
खेती में बदलाव की जरूरत
अंजनी सिन्हा का दृढ़ विश्वास है कि यदि किसान अपनी सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाएं, तो कृषि से अच्छी कमाई करना पूरी तरह मुमकिन है। वे मानते हैं कि यदि किसान केवल पारंपरिक फसलों और पुराने तरीकों पर ही टिके रहेंगे, तो अधिक मुनाफा कमाना उनके लिए कठिन बना रहेगा। खेती में बेहतर आर्थिक परिणाम पाने के लिए नई फसलों का चयन और आधुनिक तकनीकों को अपनाना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी नए कार्य की शुरुआत में गलतियां होना स्वाभाविक है, लेकिन किसान को धैर्य नहीं खोना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो किसान अपनी गलतियों से सबक लेते हैं और लगातार कड़ी मेहनत करते हैं, वे भविष्य में कृषि के क्षेत्र में बड़ी सफलता और मुनाफा हासिल कर सकते हैं।
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