बिहार पुलिस के बेड़े में बड़ा बदलाव, 'धक्का मार' छवि से मिलेगी मुक्ति
सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसी वीडियो और तस्वीरें सामने आती रही हैं, जिनमें बिहार पुलिस के जवान बीच सड़क पर अपनी खराब गाड़ियों को धक्का लगाते हुए दिखाई देते थे। इन दृश्यों को लेकर सोशल मीडिया यूजर्स अक्सर "चल यार धक्का मार" जैसी टिप्पणियां करते हुए पुलिस विभाग की खस्ताहाली का मजाक उड़ाते थे। लेकिन अब बिहार पुलिस की यह पुरानी तस्वीर पूरी तरह से बदलने वाली है। राज्य की पुलिस व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, तेज और हाईटेक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। पुलिस विभाग के पुराने और जर्जर हो चुके वाहनों को बदलने के लिए बड़े पैमाने पर नए और आधुनिक वाहन बेड़े में शामिल किए गए हैं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सौंपी नई गाड़ियों की चाबी
बिहार सरकार पुलिस बल को पूरी तरह से आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार को पटना में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार पुलिस को नई गाड़ियों की एक बड़ी सौगात दी है। कुल 84 हाईटेक गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर पुलिस विभाग को सौंपा गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पहले भी कई अवसरों पर स्पष्ट रूप से कहा है कि बिहार पुलिस के पास संसाधनों की कोई भी कमी नहीं होने दी जाएगी। पुलिस के आधुनिकीकरण की दिशा में यह वाहन वितरण इसी संकल्प का एक बड़ा हिस्सा माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि नए और आधुनिक संसाधन मिलने से पुलिसकर्मियों के मनोबल में वृद्धि होगी और वे अधिक मुस्तैदी से काम कर सकेंगे।
वाहनों का पूरा ब्यौरा: आधुनिक सुविधाओं से हैं लैस
इस नए वाहन बेड़े के तहत पुलिस मुख्यालय को विभिन्न श्रेणियों के कुल 84 आधुनिक वाहन प्रदान किए गए हैं। इन वाहनों को पुलिस की अलग-अलग आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। बेड़े में शामिल गाड़ियों का विवरण इस प्रकार है:
- 48 पुलिस बसें: इनका उपयोग पुलिस बल को एक स्थान से दूसरे स्थान पर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए ले जाने में किया जाएगा।
- 30 स्कॉर्पियो गाड़ियां: इन वाहनों का मुख्य कार्य जिलों में पुलिस की गश्ती को तेज करना, किसी भी तरह की घटना की सूचना मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंचना और विशेष अभियानों को गति देना होगा।
- 6 अत्याधुनिक एंबुलेंस: ये एंबुलेंस आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं से लैस हैं। इनका मुख्य उद्देश्य किसी भी आपातकालीन स्थिति, सड़क दुर्घटना या विशेष पुलिस अभियानों के दौरान घायल होने वाले पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों को तुरंत प्राथमिक उपचार देना और उन्हें अस्पताल पहुंचाना है।
बेहतर कानून-व्यवस्था और त्वरित कार्रवाई की उम्मीद
नए वाहनों के बेड़े में शामिल होने से बिहार पुलिस की कार्यप्रणाली में एक क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। आधुनिक संसाधनों से लैस पुलिस बल ही समाज में बेहतर कानून-व्यवस्था स्थापित कर सकता है। इन गाड़ियों के आ जाने से न केवल पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम यानी किसी घटना की सूचना पर प्रतिक्रिया देने का समय काफी कम हो जाएगा, बल्कि अपराध नियंत्रण में भी बड़ी मदद मिलेगी। इसके अलावा, जिलों में नियमित पेट्रोलिंग, अतिविशिष्ट व्यक्तियों (VIP) की सुरक्षा व्यवस्था और आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को भी अब अधिक प्रभावी और तीव्र गति से संचालित किया जा सकेगा।
एक अणे मार्ग परिसर में गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन
पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास, एक अणे मार्ग परिसर में इस भव्य वाहन वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस गरिमामयी समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने औपचारिक रूप से गाड़ियों को पुलिस प्रशासन को समर्पित किया। इस अवसर पर बिहार पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक अमले के आला अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन नए वाहनों के बेड़े में आने से पुलिसकर्मियों को काफी हद तक राहत मिलेगी और वे बिना किसी तकनीकी व्यवधान के अपनी ड्यूटी पूरी कर सकेंगे। लंबे समय से बनी हुई वह नकारात्मक छवि, जहां पुलिसकर्मियों को बीच सड़क पर अपनी जीप को धक्का देना पड़ता था, अब जल्द ही अतीत का हिस्सा बनने जा रही है।
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