ऑनलाइन ठगी का बड़ा मामला
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के रोशनीघर रोड, इंदरगंज क्षेत्र में रहने वाले एक 70 वर्षीय चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय को ऑनलाइन निवेश का झांसा देकर साइबर ठगों ने अपना शिकार बनाया है। बदमाशों ने उनसे कुल 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपये की धोखाधड़ी की है। इस पूरे मामले की शिकायत मिलने के बाद राज्य साइबर सेल ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया से शुरू हुई धोखाधड़ी
पीड़ित अशोक विजयवर्गीय को दिसंबर 2025 में वॉट्सएप पर एक अनजान युवती का मैसेज आया। उस महिला ने खुद को दिव्या सिंह बताते हुए उनसे संपर्क साधा और ऑनलाइन ट्रेडिंग व निवेश के जरिए बहुत कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का सपना दिखाया। दोनों के बीच लगातार बातचीत होने लगी और आरोपी महिला ने उन्हें विश्वास में ले लिया। ठग ने उन्हें एक लिंक भेजा और एक मोबाइल ऐप या वेबसाइट पर पंजीकरण करने को कहा। जैसे ही अशोक विजयवर्गीय ने अपना निवेश खाता बनाया, उन्हें यूएसडीटी (USDT) और बीटीसी (BTC) जैसी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने के ऑफर दिए जाने लगे।
साल 2025 से जून 2026 तक जारी रहा खेल
ठगी का यह लंबा सिलसिला 25 दिसंबर 2025 को शुरू हुआ। शुरुआती दौर में अशोक विजयवर्गीय ने अपने कर्मचारी दिनेश भाटिया के खाते से 1 लाख रुपये चार किस्तों में यूपीआई (UPI) के माध्यम से ठगों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर किए। इसके बाद 29 दिसंबर को उन्होंने अपने दोस्त पंकज चावला के खाते से भी 1 लाख रुपये जमा किए। ठग इतने शातिर थे कि उन्होंने पोर्टल पर निवेश का काल्पनिक लाभ दिखाना शुरू कर दिया, जिससे अशोक विजयवर्गीय का विश्वास पूरी तरह जम गया। इसके बाद 7 जनवरी को उन्होंने अपने एचडीएफसी बैंक खाते से 1 लाख 88 हजार 160 रुपये का निवेश किया। सिलसिला यही नहीं रुका, 31 दिसंबर को उन्होंने अपने यूनियन बैंक खाते से 15 लाख रुपये आरटीजीएस (RTGS) के जरिए चार अलग-अलग किस्तों में भेजे। इस तरह धीरे-धीरे जून 2026 तक वे कुल 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपये अलग-अलग खातों में जमा कर चुके थे।
पैसे निकालने के नाम पर फिर फंसाया
जब अशोक विजयवर्गीय ने अपने मुनाफे की रकम को निकालने का प्रयास किया, तो ठगों ने उन्हें एक नई शर्त में उलझा दिया। उन्होंने कहा कि निकासी के लिए आपको 10 करोड़ 84 लाख रुपये की राशि जमा करनी होगी। इतनी बड़ी रकम न होने की बात कहने पर महिला ठग दिव्या सिंह ने नाटक किया और कहा कि वह अपनी तरफ से 5 करोड़ 34 लाख रुपये जमा कर रही है, और बाकी बचे 5 करोड़ रुपये अशोक को देने होंगे। ठगों ने भरोसा दिलाया कि ये राशि जमा करते ही वे पैसा निकाल सकेंगे।
आखिरकार खुला ठगी का राज
पैसे जमा करने के बाद जब अशोक विजयवर्गीय ने फिर से विड्रॉवल की रिक्वेस्ट भेजी, तो ठगों ने एक और नया बहाना बनाया। उन्होंने कहा कि 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की निकासी के लिए उन्हें 2 लाख रुपये का रिस्क मार्जिन और देना होगा। बार-बार पैसे मांगे जाने पर अशोक को शक हुआ। उन्होंने अपने दोस्तों को पूरी घटना बताई, जिसके बाद उन्हें समझ आया कि वे बहुत बड़ी ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने राज्य साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। उप पुलिस अधीक्षक संजीव नयन शर्मा ने बताया कि ठगी की यह पूरी रकम देश के अलग-अलग राज्यों के बैंक खातों में डायवर्ट की गई है, जिनमें से सबसे ज्यादा खाते दक्षिण भारत के हैं। फिलहाल पुलिस उन सभी बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है ताकि ठगों तक पहुंचा जा सके।
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