सारण की बदल जाएगी तस्वीर: 65,000 करोड़ के 4 बड़े प्रोजेक्ट्स से आएगी विकास की बहार

बिहार के सारण जिले में चार महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर काम तेज हो गया है, जिनमें 65,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जा रहा है। इन प्रोजेक्ट्स से जिले में परिवहन, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं का कायापलट होने की उम्मीद है।

सारण में विकास की नई इबारत

बिहार का सारण जिला अब बुनियादी ढांचे और विकास के मामले में एक बड़े बदलाव की ओर अग्रसर है। जिले में चार ऐसी मेगा परियोजनाएं चल रही हैं, जो आने वाले समय में यहां की पूरी तस्वीर बदल देंगी। इन चार प्रमुख योजनाओं पर कुल मिलाकर 65,000 करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम निवेश किया जा रहा है। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने से स्थानीय स्तर पर न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।

प्रशासन की कड़ी निगरानी

सारण के जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव इन सभी परियोजनाओं की खुद बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं। प्रशासन ने इन कार्यों के लिए एक ठोस रणनीति तैयार की है ताकि किसी भी तरह की देरी न हो। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और तय समयसीमा के भीतर इन्हें पूरा करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा निरंतर निरीक्षण और निगरानी की जा रही है। जिला अधिकारियों का दावा है कि ये परियोजनाएं सारण को एक आधुनिक शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी।

देश का सबसे लंबा डबल डेकर फ्लाईओवर

इन परियोजनाओं में सबसे चर्चित और प्रमुख योजना देश का सबसे लंबा डबल डेकर एलिवेटेड फ्लाईओवर है। करीब 696 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। वर्तमान स्थिति यह है कि इसके अधिकांश पिलर और रैंप का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। इस फ्लाईओवर के शुरू होने के बाद छपरा शहर को जाम की चिर-परिचित समस्या से बड़ी राहत मिलेगी और आवागमन बेहद सरल हो जाएगा।

दो आधुनिक टाउनशिप का होगा निर्माण

शहर के सुनियोजित विस्तार के लिए प्रशासन दो आधुनिक टाउनशिप विकसित कर रहा है। पहली टाउनशिप का निर्माण कार्य राजेंद्र स्टेडियम के पास किया जा रहा है, जबकि दूसरी टाउनशिप रिविलगंज के क्षेत्र में विकसित होगी। इन टाउनशिप का उद्देश्य आम लोगों को विश्वस्तरीय आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यहां आधुनिक आवासीय कॉलोनियों के साथ-साथ व्यावसायिक परिसर और अन्य आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे शहरी जीवनशैली में बड़ा बदलाव आएगा।

मां अंबिका भवानी गंगा पथ और पर्यटन

सारण की सांस्कृतिक और धार्मिक महत्ता को देखते हुए 2,500 करोड़ रुपये की लागत से 'मां अंबिका भवानी गंगा पथ' का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह परियोजना गंगा और घाघरा नदियों के किनारे विकसित की जाएगी, जिसका मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है। वर्तमान में इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि सर्वेक्षण और प्रारंभिक प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इस कॉरिडोर के निर्माण से न केवल धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि नदी के किनारे के क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी।

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा विस्तार

स्वास्थ्य के क्षेत्र में सारण को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। इस पर करीब 3,500 से 4,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें 500 बेड का एक अत्याधुनिक अस्पताल और मेडिकल कॉलेज शामिल होगा। इस प्रोजेक्ट के लिए भूमि का चयन हो चुका है और प्रशासनिक प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। इस मेडिकल कॉलेज के शुरू होने से जिले के लोगों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और छात्रों को मेडिकल शिक्षा के लिए बेहतर अवसर मिलेंगे।

आर्थिक और सामाजिक प्रगति की उम्मीद

जिला प्रशासन का मानना है कि ये चारों मेगा प्रोजेक्ट्स मिलकर सारण में रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित करेंगे। निर्माण के दौरान और बाद में, यह जिले की अर्थव्यवस्था को एक नया आधार प्रदान करेंगे। व्यापार, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के इस विस्तार से सारण में विकास की नई गति आएगी, जिसका सीधा लाभ स्थानीय नागरिकों को उनके सामाजिक और आर्थिक जीवन में मिलेगा।

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