फरीदाबाद के मंझावली गांव में विकास की एक परियोजना स्थानीय किसानों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। यमुना नदी पर बन रहे पुल के निर्माण कार्य के चलते खेतों को जाने वाला मुख्य रास्ता पूरी तरह से बंद हो चुका है। हाल ही में हुई बारिश के बाद स्थिति और भी खराब हो गई है, जिससे किसानों का अपने खेतों तक पहुंचना नामुमकिन हो गया है।
पुल निर्माण और ठेकेदार की लापरवाही
स्थानीय निवासी और किसान अनिल कुमार ने इस गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त की है। उनके अनुसार, मंझावली गांव के लगभग 50 से 60 किसान अपने खेतों तक पहुंचने के लिए इसी एकमात्र रास्ते का इस्तेमाल करते थे। लेकिन जब यहां यमुना नदी पर पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ, तब सुरक्षा के लिए गाइड बांध बनाए गए। इस प्रक्रिया में खेतों को जोड़ने वाले इस रास्ते की जमीन भी चली गई।
नहीं मिला मुआवजा, न बना नया रास्ता
किसानों का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण के बाद भी स्थानीय पंचायत को अब तक इसके बदले कोई मुआवजा नहीं मिला है। इसके साथ ही, प्रशासन या निर्माण एजेंसी की ओर से किसानों के लिए किसी नए रास्ते का निर्माण भी नहीं कराया गया है। इससे किसानों के सामने अपने खेतों की देखभाल करने का संकट खड़ा हो गया है।
रास्ते की मिट्टी खोदकर बना दिया गहरा गड्ढा
मुसीबत यहीं खत्म नहीं हुई। किसान अनिल कुमार ने बताया कि पुल के निर्माण के दौरान ठेकेदार ने रास्ते से ही मिट्टी खोद ली और उसे गाइड बांध में डाल दिया। इस अंधाधुंध खुदाई के कारण वहां करीब 10 से 15 फीट गहरा और काफी बड़ा गड्ढा बन गया है।
बारिश के पानी ने बढ़ाई किसानों की मुश्किलें
अब हालिया बारिश के कारण यह गहरा गड्ढा पूरी तरह से पानी से भर गया है। पानी भरने की वजह से किसानों का मुख्य मार्ग पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है और खेतों तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है। इस जलभराव के चलते किसानों को खेतों तक जाने का कोई जरिया नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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