IIT JEE की तैयारी: 11वीं-12वीं में गणित को कैसे बनाएं अपनी ताकत? रांची के 'मैथ्स गुरु' दिलीप रंजन ने साझा किया 2 साल का मास्टर प्लान

रांची के प्रसिद्ध शिक्षक दिलीप रंजन ने कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए IIT JEE परीक्षा क्रैक करने का एक बेहतरीन टाइम टेबल और रणनीति साझा की है, जिसमें NCERT और मॉक टेस्ट पर विशेष जोर दिया गया है।

देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक IIT JEE को क्रैक करने का सपना देखने वाले छात्रों के लिए कक्षा 11वीं और 12वीं का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। कई छात्र तो अपनी तैयारी कक्षा 9वीं से ही शुरू कर देते हैं, लेकिन असली परीक्षा और गंभीर पढ़ाई 11वीं कक्षा में कदम रखते ही शुरू होती है। इस कठिन सफर को आसान बनाने और गणित जैसे महत्वपूर्ण विषय में महारत हासिल करने के लिए झारखंड की राजधानी रांची के मशहूर शिक्षक दिलीप रंजन ने छात्रों को एक विशेष मार्गदर्शन दिया है। दिलीप रंजन को उनके छात्र प्यार से 'मैथ्स गुरु' कहते हैं। उन्होंने अब तक अनगिनत बच्चों को IIT में दाखिला दिलाने में मदद की है और उनके पढ़ाए कई छात्र आज देश-विदेश में सफल इंजीनियर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

NCERT को बनाएं अपनी तैयारी का आधार

मैथ्स गुरु दिलीप रंजन का मानना है कि तैयारी की शुरुआत हमेशा बुनियादी किताबों से होनी चाहिए। बाजार में मिलने वाली दर्जनों किताबों के पीछे भागने के बजाय छात्रों को सबसे पहले NCERT की किताबों पर अपनी पकड़ मजबूत करनी चाहिए। उनका कहना है कि 10 अलग-अलग किताबें पढ़ने से कहीं बेहतर है कि आप NCERT की एक ही किताब को 10 बार अच्छी तरह से हल करें। जब तक किसी अध्याय का बुनियादी सिद्धांत पूरी तरह से समझ में न आ जाए, तक तक आगे बढ़ने की गलती न करें।

एक बार जब आप NCERT की मुख्य किताब को अच्छी तरह समझ लें, तो उसके बाद NCERT Exemplar की ओर रुख करें। दिलीप रंजन सलाह देते हैं कि छात्रों को एग्जेंपलर के सवालों को कम से कम 10 से 15 बार हल करना चाहिए। यदि छात्र ऐसा करने में सफल रहते हैं, तो वे न केवल प्रतियोगी परीक्षाओं बल्कि CBSE की बोर्ड परीक्षाओं में भी असाधारण रूप से बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

रोजाना 2 से 3 घंटे का समय और सीमित अध्ययन सामग्री

JEE Advanced जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता पाने के लिए निरंतरता सबसे जरूरी है। गणित एक ऐसा विषय है जो केवल अभ्यास से ही सुधारा जा सकता है। इसके लिए दिलीप रंजन ने कुछ बेहद जरूरी नियम बताए हैं:

  • समय का सही निवेश: हर छात्र को रोजाना कम से कम 2 से 3 घंटे का समय केवल गणित के अभ्यास के लिए देना होगा। अगर आप वाकई परीक्षा पास करना चाहते हैं, तो इस समय सीमा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
  • बाहरी दुनिया से दूरी: इन महत्वपूर्ण 2 वर्षों के दौरान छात्रों को बाहरी विकर्षणों और सोशल मीडिया जैसी चीजों से दूरी बनाकर पूरी तरह अपनी पढ़ाई पर केंद्रित हो जाना चाहिए।
  • कोचिंग मटेरियल पर भरोसा: छात्र जिस भी कोचिंग संस्थान में पढ़ रहे हैं, वहां की अध्ययन सामग्री और किताबों पर पूरा भरोसा रखें और उन्हें पूरी तरह से हल करें। बाजार में मिलने वाली अत्यधिक किताबों को खरीदने से बचें, क्योंकि इससे केवल भ्रम पैदा होता है और समय बर्बाद होता है।

मॉक टेस्ट और संशय दूर करने की आदत

किसी भी विषय को पढ़ते समय यह जांचना बहुत जरूरी है कि आपकी तैयारी का स्तर क्या है। दिलीप रंजन के अनुसार, जब स्कूल या ट्यूशन में कोई नया अध्याय पूरा हो जाए, तो सबसे पहले उसके सभी सवालों को NCERT से हल करने की कोशिश करें। यदि आप सभी सवाल आसानी से हल कर पा रहे हैं, तो इसका मतलब है कि आपका कॉन्सेप्ट सही दिशा में है। लेकिन अगर कहीं भी रुकावट महसूस हो, तो जब तक वह डाउट दूर न हो जाए, तब तक किसी नए टॉपिक की शुरुआत बिल्कुल न करें।

इसके साथ ही उन्होंने मॉक टेस्ट के महत्व को रेखांकित किया है। जब आपका पाठ्यक्रम पूरा हो जाए या आपकी तैयारी एक निश्चित स्तर पर पहुंच जाए, तो नियमित रूप से मॉक टेस्ट देना शुरू करें। मॉक टेस्ट देने के बाद अपनी गलतियों का बारीक विश्लेषण करें। यह देखें कि किस क्षेत्र में आप कमजोर रह गए हैं और फिर उस कमजोरी को दूर करने के लिए दोबारा मेहनत करें। इस प्रक्रिया को तब तक दोहराते रहें जब तक कि आपकी तैयारी अचूक न हो जाए।

कल पर न टालें कोई भी सवाल

तैयारी के दौरान छात्रों की एक बहुत बड़ी कमजोरी होती है कि वे अपने संदेहों को बाद के लिए टाल देते हैं। दिलीप रंजन इस आदत को सबसे घातक मानते हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि किसी भी शंका या सवाल को कभी भी कल पर नहीं छोड़ना चाहिए। अगर आपको लगता है कि कोई सवाल नहीं बन रहा है या कोई फॉर्मूला समझ नहीं आ रहा है, तो उसे आज और अभी ही हल करने का प्रयास करें और शिक्षकों की मदद से उसे स्पष्ट करें।

यदि छात्र इन पूरे 2 वर्षों में प्रतिदिन इसी तरह की एकाग्रता और निरंतरता बनाए रखते हैं, तो उन्हें JEE Advanced की परीक्षा पास करने और देश के शीर्ष IIT संस्थानों में प्रवेश पाने से कोई नहीं रोक सकता।

https://hindi.news18.com/news/career/education-maths-guru-dileep-ranjan-tips-to-crack-jee-local18-ws-l-10648054.html