रियल एस्टेट का नया गढ़ बना गुरुग्राम
मौजूदा मॉनसून के मौसम में दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश शहरों का हाल बेहाल है। भारी बारिश के कारण सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं और आम जनता को रोजाना भीषण ट्रैफिक जाम और जलभराव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, मौसम की यह मार और बदतर बुनियादी ढांचे की शिकायतों के बावजूद, गुरुग्राम रियल एस्टेट के मामले में देश का सबसे पसंदीदा शहर बना हुआ है। लोग आज भी लग्जरी घरों के लिए इसी शहर को अपनी पहली प्राथमिकता मान रहे हैं। रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी यानी RERA के हालिया आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि शहर की प्रीमियम छवि को कोई भी समस्या कम नहीं कर सकी है।
जनवरी से जून 2026 तक का निवेश
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से जून 2026 की अवधि में गुरुग्राम में कुल 51 नए रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं में कुल 4 बिलियन अमेरिकी डॉलर का भारी-भरकम निवेश शामिल है। यह निवेश न केवल गुरुग्राम की ब्रैंड वैल्यू को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि डेवलपर्स और खरीदारों का इस शहर के भविष्य पर अटूट भरोसा बना हुआ है। विशेष रूप से, इन 51 परियोजनाओं में से केवल 11 प्रोजेक्ट्स में ही करीब 25,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जो पिछले कुछ वर्षों में शहर में हो रहे रियल एस्टेट विकास के विशाल पैमाने को प्रदर्शित करता है।
प्रोजेक्ट्स का वर्गीकरण और मार्केट डिमांड
रेरा द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, स्वीकृत 51 परियोजनाओं में कुल 16,727 यूनिट्स का निर्माण होगा। इन इकाइयों का विवरण इस प्रकार है:
- 15,403 रेजिडेंशियल यूनिट्स
- 1,084 कमर्शियल यूनिट्स
- 240 इंडस्ट्रियल यूनिट्स
गुरुग्राम का रियल एस्टेट बाजार लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। देश की सबसे बड़ी और नामी कंपनियां गुरुग्राम में लगातार महंगे और लग्जरी आवासीय प्रोजेक्ट्स पेश कर रही हैं। शहर में बनी हुई यह मांग बताती है कि निवेशकों और घर खरीदारों के बीच गुरुग्राम को लेकर उत्साह में कोई कमी नहीं आई है।
निवेशकों का बढ़ता भरोसा और नियामकीय सुधार
अथॉरिटी ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि मंजूरी देने की प्रक्रिया में तेजी और सख्त नियामकीय निगरानी के कारण घरेलू और संस्थागत दोनों प्रकार के निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। पिछले वर्ष यानी कैलेंडर वर्ष 2025 की बात करें तो RERA के तहत मंजूर 131 परियोजनाओं में करीब 87,000 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड निवेश दर्ज किया गया था। इस निरंतर विकास के पीछे रेरा द्वारा किए गए कई बड़े सुधार मुख्य हैं। इनमें बिल्डरों द्वारा दी जाने वाली जानकारी की गहन जांच, प्रोजेक्ट साइट का विषय विशेषज्ञों द्वारा अनिवार्य निरीक्षण, प्रत्येक तिमाही में QPR यानी प्रोजेक्ट प्रगति रिपोर्ट जमा करना और पंजीकरण से पहले सार्वजनिक नोटिस के माध्यम से लोगों से सुझाव या आपत्तियां आमंत्रित करना शामिल है। इसके अलावा, शिकायतों के निपटारे की प्रक्रिया को भी काफी व्यवस्थित किया गया है ताकि खरीदारों को समय पर राहत मिल सके।
विशेषज्ञों की क्या है राय
व्हाइटलैंड कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर (स्ट्रैटेजी) सुदीप भट्ट का मानना है कि वर्ष 2026 की पहली छमाही में 51 परियोजनाओं को मंजूरी मिलना और 4 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश आना यह सिद्ध करता है कि गुरुग्राम भारत के सबसे गतिशील बाजारों में से एक है। उन्होंने कहा कि यह शहर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है और पारदर्शी नियामकीय ढांचा इसके विकास की मजबूत नींव है। वहीं, रूट्स डेवलपर्स के डायरेक्टर जितेंद्र यादव के अनुसार, रेरा का पारदर्शिता और समयबद्ध मंजूरी पर जोर रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक माहौल बना रहा है। ऐसे कदम न केवल घर खरीदारों का भरोसा जीत रहे हैं, बल्कि प्रतिष्ठित डेवलपर्स को भी बेहतर और उच्च गुणवत्ता वाले प्रोजेक्ट्स बाजार में उतारने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। संक्षेप में, बारिश और जाम जैसी चुनौतियों के बावजूद गुरुग्राम का रियल एस्टेट बाजार अगले चरण के विकास के लिए पूरी तरह तैयार है और रफ्तार पकड़ रहा है।
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