बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर पर बड़ी अपडेट
बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए स्थानांतरण और पदस्थापन की प्रक्रिया को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़े स्तर पर तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं। विभाग ने इस बार पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए एक स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत सॉफ्टवेयर के विकास, रिक्तियों की सटीक गणना और संबंधित अधिकारियों के प्रशिक्षण का पूरा खाका तैयार किया गया है। शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि पूरी व्यवस्था को डिजिटल बनाकर शिक्षकों को राहत दी जाए।
सॉफ्टवेयर का निर्माण और तकनीकी तैयारी
शिक्षा विभाग की ओर से इस बार स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया को सॉफ्टवेयर आधारित बनाने का निर्णय लिया गया है। जानकारी के अनुसार, इस विशेष सॉफ्टवेयर को अंतिम रूप देने का काम 10 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। इसी सॉफ्टवेयर के माध्यम से पूरे राज्य के विद्यालयों की रिक्तियों का डेटा डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। रिक्तियों की प्रविष्टि के लिए मानक मंडल यानी स्टैंडर्ड नॉर्म्स का पालन किया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि प्रत्येक स्कूल में स्वीकृत पदों की संख्या और वास्तविक जरूरत के बीच कोई विसंगति न हो।
अधिकारियों को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण
सॉफ्टवेयर के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद, विभाग ने इसे सुचारू रूप से संचालित करने के लिए जिला स्तर के अधिकारियों को प्रशिक्षित करने की योजना बनाई है। आगामी 11 जुलाई को राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी यानी DEO और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी यानी डीपीओ को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ट्रेनिंग दी जाएगी। इस प्रशिक्षण सत्र का मुख्य उद्देश्य सॉफ्टवेयर के संचालन और तकनीकी बारीकियों से अधिकारियों को अवगत कराना है। विभाग का प्रयास है कि बिहार के सभी जिलों में स्थानांतरण की प्रक्रिया एक ही समान मानक के अनुसार संपन्न हो।
रिक्तियों का सत्यापन और डेटा फीडिंग
विभाग ने रिक्तियों के सही आंकलन को लेकर एक सख्त प्रक्रिया निर्धारित की है। योजना के मुताबिक, 15 जुलाई तक सभी जिलों के जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को विभाग द्वारा क्रमिक रूप से बुलाया जाएगा। इस प्रक्रिया में प्रत्येक दिन आठ जिलों के अधिकारियों को बुलाकर उनके क्षेत्रों की रिक्तियों का गहन विश्लेषण किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किस विद्यालय में वास्तव में कितने पद खाली हैं और वहां शिक्षकों की कितनी आवश्यकता है। रिक्तियों के पूर्ण सत्यापन के बाद ही उन्हें आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड करने की अनुमति दी जाएगी।
आवेदन पोर्टल खुलने की संभावित तारीख
शिक्षा विभाग के प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, जब एक बार रिक्तियां पोर्टल पर अंतिम रूप से दर्ज हो जाएंगी, उसके बाद शिक्षकों से ऐच्छिक यानी वॉलंटरी ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, आवेदन पोर्टल को 16 जुलाई से 20 जुलाई के बीच खोला जा सकता है। इस अवधि के दौरान पात्र शिक्षक अपनी पसंद के स्कूल या जिले का चयन करते हुए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। हालांकि, आवेदन करने की अंतिम तिथि और स्थानांतरण से जुड़ी विस्तृत गाइडलाइन के लिए विभाग द्वारा जल्द ही आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी।
पारदर्शिता पर जोर
शिक्षा विभाग की पूरी कोशिश है कि इस बार का स्थानांतरण चक्र पूरी तरह से पारदर्शी और डिजिटल हो। सॉफ्टवेयर आधारित व्यवस्था लागू होने से न केवल रिक्तियों का मिलान सही ढंग से हो पाएगा, बल्कि शिक्षकों को भी घर बैठे आवेदन करने की सुविधा मिलेगी। विभाग द्वारा जारी की जाने वाली गाइडलाइन में पात्रता की शर्तें, शिक्षकों की प्राथमिकताएं, आवेदन करने का तरीका और स्थानांतरण संबंधी सभी नियमों का विस्तार से उल्लेख किया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार के संशय की स्थिति न रहे।
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